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90 के दशक में जन्मे ज्यादातर लोगों के माता-पिता अब बुजुर्ग होने की तरफ बढ़ रहे हैं। 60 की उम्र के बाद कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, ऐसे में उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत होती है। बुजुर्ग होने के साथ शरीर का बैलेंस बिगड़ने और गिरने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है, इस डर से अक्सर लोग आराम करने को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। 70 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते ज्यादातर बुजुर्ग वॉक करना-सीढ़ियां चढ़ना भी कम कर देते हैं। लेकिन क्या ज्यादा आराम शरीर के लिए हमेशा अच्छा होता है?
इंग्लैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के हालिया शोध में 4.5 लाख से अधिक लोगों से जुड़े पांच अध्ययनों का विश्लेषण किया गया। इसमें नियमित सीढ़ियां चढ़ने वालों में हृदय संबंधी रोगों के कारण मौत का खतरा 39 प्रतिशत तक कम पाया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, रोज करीब 60 सीढ़ियां चढ़ना पर्याप्त लाभ दे सकता है। सीढ़ियां चढ़ने के फायदे सिर्फ दिल की सेहत तक सीमित नहीं है। सीढ़ियां चढ़ना पैरों की मांसपेशियों, शरीर के संतुलन, हड्डियों-जोड़ों को भी मजबूती देने में भी मदद करता है। विशेषज्ञ कहते हैं, कम चलने-फिरने और सीढ़ियों जैसी गतिविधि न होने से पैरों की ताकत और सामान्य फिटनेस धीरे-धीरे कम होने लगती है, इसके लिए विशेषज्ञ अब 'बंगलो लेग्स' जैसे शब्द का इस्तेमाल करने कर रहे हैं। दरअसल, सीढ़ियां चढ़ने से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ के पक्ष में अब इतने प्रमाण सामने आ चुके हैं कि कुछ विशेषज्ञ यह सवाल उठाने लगे हैं कि क्या बुजुर्गों की अच्छी सेहत के लिए रोजाना इसे अनिवार्य कर देना चाहिए? साल 2024 में जर्नल ऑफ अर्बन डिजाइन में प्रकाशित रिपोर्ट में न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि सीढ़ियों का इस्तेमाल उम्र बढ़ने के दौरान शरीर का वजन स्वस्थ बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने और शरीर की ऑक्सीजन के बेहतर इस्तेमाल करने वाली क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सवाल उठाते हैं, आरामतलब जिंदगी के चक्कर में जिस तरह से हम अपने घरों से हर छोटी-बड़ी मेहनत वाली चीजों को हटा रहे हैं, कहीं इसके कुछ अनपेक्षित नुकसान तो नहीं हैं? इनमें से एक संभावित नुकसान 'बंगलो लेग्स', यानी धीरे-धीरे पैरों की मांसपेशियों की ताकत कम होने का हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ ये बड़ा खतरा माना जा सकता है। आप किस तरह के घर में रहते हैं, इसका असर इस बात पर भी पड़ता है कि उम्र बढ़ने के साथ आपका शरीर कितना सक्रिय रहता है। जापान में शोधकर्ताओं ने 65 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 7,000 लोगों की तीन साल तक स्वास्थ्य पर निगरानी नजर रखी। ये लोग तीन तरह के घरों में रहते थे-कुछ एक मंजिला घरों में, कुछ ऐसे घरों में जहां लिफ्ट से पहुंचना होता था और कुछ ऐसे घरों में जहां सिर्फ सीढ़ियां थीं। त इस अध्ययन में पाया गया कि जिन बुजुर्गों के घर में सिर्फ सीढ़ियां थीं, उनमें उम्र से जुड़ी शारीरिक क्षमता में गिरावट सबसे कम देखने को मिली। सीढ़ियां चढ़ना शरीर के लिए अच्छा है, शायद बात नई नहीं लगती। लेकिन वैज्ञानिकों को पहले यह अंदाजा नहीं था कि इसका फायदा इतना बड़ा हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया में अध्ययन का नेतृत्व करने वाले क्लिनिकल प्रोफेसर ऑफ कार्डियक मेडिसिन डॉक्टर वासिलियोस वासिलियू कहते हैं टीम ने 4.5 लाख लोगों से जुड़े पांच अध्ययनों के नतीजों की भी समीक्षा की। इसमें 35 से 84 वर्ष की उम्र के लोग शामिल थे। शोध में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ते थे, उनमें हृदय से जुड़ी समस्याओं के कारण मौत का खतरा 39 प्रतिशत कम था। इससे किसी भी कारण से मौत का खतरा 24 प्रतिशत कम पाया गया। ये एक आदत हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम कर सकता है। प्रोफेसर वासिलियू के मुताबिक, सीढ़ियां चढ़ने के फायदे का सबसे बड़ा हिस्सा रोजाना करीब छह फ्लाइट यानी लगभग 60 सीढ़ियां चढ़ने से मिल सकता है। हालांकि उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति रोज सिर्फ एक या दो फ्लाइट सीढ़ियां ही चढ़ता है, तब भी यह बिल्कुल कुछ न करने से कहीं बेहतर है।
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