सिद्धार्थनगर के चिल्हिया थाना क्षेत्र के संतोरी गांव में पति की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय ने पत्नी ज्योति चौधरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन्होंने 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसे न चुकाने पर अतिरिक्त पाँच साल की कैद होगी।
अभियोजन के अनुसार हत्या 2‑3 अक्टूबर 2024 की रात को हुई। अमित चौधरी, 19 वर्ष का छात्र, अपने घर में मृत पाया गया। हत्या के तुरंत बाद ज्योति ने 112 पर कॉल करके पुलिस को बताया कि उसने अपने पति को मार दिया है। सूचना मिलने पर पुलिस उसी रात घर पहुंची।
अमित और ज्योति की मुलाकात सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर हुई। दोनों ने रील्स साझा की और धीरे‑धीरे फोन पर बात कर मिलने लगे। प्रेम संबंध बनते ही दोनों ने 12 मार्च 2024 को घर छोड़कर नेपाल की यात्रा की, जहाँ से बाद में उन्होंने शहीरगढ़ थाने में गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई। परिवार की खोज में अमित ने अपनी माँ को मैसेज कर अपनी कुशलता बताई, जिससे दोनों परिवारों ने उन्हें वापस बुलाया और 19 मार्च 2024 को कोर्ट मैरिज करवाई। एक महीने बाद सामाजिक तौर‑तरीके से भी शादी पूरी हुई और दंपति एक साथ रहने लगे।
शादी के लगभग छह महीने बाद, 20 सितंबर को अमित की दादी का निधन हो गया। 2‑3 अक्टूबर को परिवार में तेरहवीं और ब्रह्मभोज की तैयारियाँ चल रही थीं। रात के करीब एक‑दो बजे पुलिस ने घर पहुंचकर बताया कि 112 पर कॉल करने वाली ज्योति ने अपने पति की हत्या की सूचना दी थी। कमरे में अमित बिस्तर पर मृत मिला, हाथ पीछे बंधे, पास में टाई पड़ी हुई और तकिए पर खून के निशान थे।
ज्योति ने पुलिस को बताया कि गुस्से में उसने अमित को मार दिया। सरकारी अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी ने अदालत में बताया कि वही कॉल के कारण पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
अमित के पिता संतोष कुमार ने कहा, “हमें आज तक समझ नहीं आता कि हमारी बेटी ने ऐसा क्यों किया। वह कहती है कि गुस्सा आया और उसने मार दिया।” उन्होंने बताया कि अमित उनका इकलौता बेटा था और उसकी मौत से परिवार की जिंदगी खाली हो गई।
अमित की माँ विंध्यवासिनी ने कहा, “दोनों का प्रेम था और परिवार ने शादी की स्वीकृति दी थी। अगर हमें पहले पता चलता तो हम इस रिश्ते को नहीं मानते। हमें नहीं पता कि हत्या का कारण क्या था।”
पुलिस ने मामला दर्ज किया, जांच पूरी होने पर आरोप पत्र दायर किया और मामला जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंचा। ट्रायल के बाद 1 साल 6 महीने 18 दिन बाद न्यायालय ने ज्योति को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया। साथ ही 70% आर्थिक दंड मृतक के परिवार को देने का आदेश दिया गया।
इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती, परिवार की स्वीकृति से हुई शादी, और केवल छह महीने बाद पति की हत्या – इस त्रासदी ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है। अदालत ने अब ज्योति को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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