अमेरिका‑ईरान तनाव के बीच उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरान के प्रमुख कट्टर नेता मोहसिन रेज़ाई को शांति हेतु एक पत्र भेजा। रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने रेज़ाई से सीधे संपर्क स्थापित कर यह जानने की कोशिश की कि वॉशिंगटन‑तेहरान के बीच वार्ता के नए रास्ते खोल सकते हैं या नहीं।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि यह पत्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर तैयार किया गया था और ट्रंप को इस पहल की पूरी जानकारी है।
हालाँकि, ट्रंप ने इस बात से इनकार किया कि वेंस को शांति वार्ता शुरू करने का आदेश मिला था। उन्होंने कहा कि ईरान को केवल चिकित्सा सामग्री की जरूरत है और यह मानवीय मदद के तहत किया जा रहा है।
वेंस की कूटनीतिक पहल और ट्रंप के सार्वजनिक बयान में स्पष्ट अंतर सामने आया है।
यह विकास तब आया है जब ट्रंप अगले सप्ताह के मध्य‑टर्म चुनाव के बाद ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वेंस यह जांच रहे हैं कि कूटनीतिक प्रयासों से फिर से संघर्ष को रोका जा सकता है या नहीं, पर अब तक कोई विस्तृत शांति प्रस्ताव सामने नहीं आया है।
पिछले हफ़्ते रेज़ाई ने कहा था कि ईरान की बुनियादी माँगें पूरी न होने तक वह अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं करेगा।
पहले भी शांति समझौते की कोशिशें विफल रही हैं। फरवरी में ट्रंप के “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” से पहले वेंस ने व्यापक कूटनीतिक उपायों की वकालत की थी, जिसके बाद उन्हें प्रमुख वार्ताकार नियुक्त किया गया। जून में दो पक्षों ने एक समझौता ज्ञापन तैयार किया, लेकिन दो हफ़्ते बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को लेकर मतभेदों के कारण यह टूट गया। कतर‑पाकिस्तान की मध्यस्थता भी इस गतिरोध को दूर नहीं कर सकी।
संभव शर्तें स्पष्ट हैं: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में रियायतें दे, जबकि ईरान आर्थिक राहत की माँग कर रहा है। रेज़ाई के प्रमुख वार्ताकार के रूप में उभरने से बातचीत का स्वरूप बदल सकता है, जिससे ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ की भूमिका प्रभावित हो सकती है।
रेज़ाई 1980 के दशक में इराक के साथ युद्ध में भागी थे और कई सालों तक IRGC का नेतृत्व किया है। अमेरिकी हमलों की बढ़ती आशंका के बीच उनका प्रभाव ईरान की सुरक्षा नीति में और भी बढ़ गया है। इस महीने उन्होंने चेतावनी दी थी कि ईरान संयुक्त अरब अमीरात के साथ-साथ क्षेत्रीय डेटा सेंटरों और इंटरनेट केबलों को भी निशाना बना सकता है।
ट्रंप ने ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते की संभावनाओं पर बात की, पर साथ ही सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रमुख प्राथमिकता है। पिछले हफ़्ते उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ वार्ता नहीं कर रहा है और सैन्य विकल्पों की ओर इशारा किया।
ट्रंप ने चुनावी कार्यक्रम में कहा कि ईरान को अमेरिकी मध्य‑टर्म चुनाव के बाद तक इंतज़ार करने से कोई फायदा नहीं मिलेगा। 3 नवंबर को होने वाले मध्य‑टर्म चुनाव में युद्ध और ईंधन कीमतें प्रमुख मुद्दे हैं, और ईरान के साथ जारी तनाव घरेलू राजनीति को भी प्रभावित कर रहा है।
जे.डी. वेंस को 2028 के रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के संभावित दावेदारों में माना जा रहा है, इसलिए ईरान पर उनकी कूटनीतिक पहल विदेश नीति के साथ-साथ उनके घरेलू राजनीतिक आकांक्षाओं से भी जुड़ी हुई है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ युद्ध कब समाप्त होगा, इसका फैसला वह ही करेंगे।
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