उत्तर प्रदेश कांग्रेस के गले में मछली का कांटा फंस गया है। रविवार को अयोध्या पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद अयोध्या के तारून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित मछली भोज को लेकर भाजपा नेताओं ने उन पर तीखा हमला बोला। सोमवार को रायबरेली पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस मसले पर अजय राय को आड़े हाथों लिया। सीएम ने अजय राय के धर्मनगरी अयोध्या में मछली भोज में शामिल होने पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि जो खाना था उसे अयोध्या के बाहर खा लेते। सीएम योगी ने अजय राय और कांग्रेसियों पर दोहरा आचरण का आरोप लगाते हुए कहा कि ये मंदिर में राम-राम करते हैं और फिर बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाते हैं। सीएम योगी के इस हमले पर अजय राय की भी प्रतिक्रिया आई है। अजय राय ने एएनआई को दिए एक बयान में चुनौती देते हुए कहा कि कोई फोटो हो तो सीएम दिखा दें, मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।
अजय राय ने कहा कि आज पूरे देश में भाजपा अत्याचार और अन्याय करा रही है। कल मुझे निषाद समाज ने बुलाया था हम लोग वहां गए थे। मैं जब भी अयोध्या जाता हूं तो हनुमानगढी पर हनुमान जी का दर्शन करता हूं। भगवान राम का दर्शन करता हूं। उसके बाद कार्यक्रम में जाता हूं। अजय राय ने कहा कि हम लोगों ने चढ़ावा चोरी की बात उठाई तो इन लोगों को मिर्ची लग रही है। हमारे निषाद समाज के नेता ने कल निषाद समाज का कार्यक्रम रखा था। हम लोग कल वहां गए थे। वहां पर वे मछली बनवा रहे, मछली खिला रहे हैं, वो उनका काम था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मैं कार्यक्रम अटेंड करके लखनऊ आ गया। मछली पालना, मछली पकड़ना, मछली बेचना और मछली खाना निषाद समाज की परंपरा से जुड़ा हुआ है। उसी निषाद समाज के निषाद राज ने भगवान राम के वन गमन के समय उन्हें नैया से पार कराकर उनकी मदद की थी। निषाद समाज को भाजपा अपमानित कर रही है। निषाद समाज इसे भूलेगा नहीं। अयोध्या में मछली भोज पर सीएम योगी की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर अजय राय ने कहा कि मैं सिर्फ इतना ही कहूंगा कि यदि कोई फोटो हो तो दिखा दें, मैं तुरंत इस्तीफा दे दूंगा।
सावन के महीने में अयोध्या में कांग्रेस के कथित मछली भोज पर भाजपा नेताओं ने तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को सनातन आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाए हैं। अयोध्या में भाजपा के महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को हिंदू समाज की भावनाओं की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि सावन में मछली भोज का आयोजन महज भोजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का अपमान है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किस मानसिकता के साथ अयोध्या जिले में ऐसे आयोजन कर रही है। वहीं, मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का यह रवैया उनकी कथनी और करनी के अंतर को सामने लाता है। एक तरफ हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन और दूसरी तरफ सावन में मछली भोज-यह आस्था नहीं, राजनीतिक अवसरवाद है। उन्होंने कहा कि सनातन समाज सब देख रहा है और समय आने पर ऐसे दोहरे चरित्र वाली राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।
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