मौसमी फ्लू के चलते स्वाइन फ्लू और कोरोना लोगों को चपेट में लेने लगा है। प्रदेश भर से इलाज के लिए आए मरीजों में बीमारी की पुष्टि हुई है। इस बीच लखनऊ स्थित पीजीआई, बलरामपुर और लोहिया संस्थान में बीते 30 दिनों में जांच में स्वाइन फ्लू और कोरोना के 19 रोगी मिले हैं। इनमें हल्के लक्षण वाले स्वाइन फ्लू के 11 और कोरोना के आठ रोगी शामिल हैं। संस्थान ने इन रोगियों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं। इनमें अधिकांश मरीज इलाज से स्वस्थ्य हो चुके हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। फीवर,सर्दी, जुकाम व खांसी के रोगी सावधानी और सतर्कता बरतें। स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ़्लू को लेकर अलर्ट के साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश जारी किये हैं। इस बीच हापुड़ में स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्टि हुई है कि गांव धनौरा में 63 वर्षीय किसान की मौत स्वाइन फ्लू से हुई। इसके अलावा तीन अन्य मरीजों को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। स्वाइन फ्लू से किसान की मौत के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दौरा किया। मृतक के परिजनों का स्वास्थ्य हाल जाना। हापुड़ में स्वाइन फ्लू से किसान की मौत के अलावा तीन अन्य मरीजों को भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हापुड़ के मोहल्ला केशवनगर, धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर में एक-एक स्वाइन फ्लू का पॉजिटिव मरीज मिला है।
पीजीआई के माइक्रोबायलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रूंगमेई एसके मारक का कहना है कि यह मौसम इंफ्लुएंजा का चल रहा है. ऐसे में जांच में मरीजों में एच1एन1 स्वाइन फ्लू और कोरोना संक्रमण मिल रहा है। दोनों के आठ-आठ रोग मिल चुके हैं। इनमें आधे से ज्यादा भर्ती रोगियों में ऑपरेशन से पहले जांच में कोरोना और स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। अन्य की लक्षण के आधार ओपीडी में नमूने लेकर जांच में जांच पॉजिटिव रिपोर्ट आयी है। सभी रोगियों में हल्के लक्षण हैं। मौजूदा समय में कोई रोगी भर्ती नहीं है। लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
पीजीआई प्रशासन की अपील है कि लोग संक्रमण से बचाव के लिए मास्क पहनें। हाथों को स्वच्छ रखें। भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें। यदि कोई लक्षण आये तो खुद को आइसोलेट कर सावधानियों का पालन करें। डॉक्टर से संपर्क कर जरूरी परामर्श और इलाज कराएं। खुद से कोई भी दवा लेने से बचें। पीजीआई के सीएमएस डॉ. देवेन्द्र गुप्ता ने स्वाइन फ्लू के रोगियों के मिलने की बात से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि एक करोनो का मरीज भर्ती था। उपचार से ठीक होने पर छुट्टी कर दी गई है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत के बाद ताजनगरी आगरा में भी सतर्कता बढ़ाई जा रही है। देशी- विदेशी सैलानियों पर विशेष निगाह रखी जाएगी। उनमें मिलते-जुलते लक्षण पाए जाने पर जांच कराई जाएगी। किसी भी रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वाइन फ्लू से देश में कई राज्य प्रभावित हैं। इनमें कर्नाटक, दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, केरल और तमिलनाडु में फ्लू फैला हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल होने के कारण आगरा में इन सभी प्रदेशों से देशी-विदेशी सैलानियों की आमद रहती है। इधर रक्षाबंधन पर लोगों की एक से दूसरे शहरों में जबर्दस्त आवाजाही रही है। रेल, बस के अलावा हवाई यात्राएं भी की गई हैं। ऐसे में प्रभावित इलाकों से फ्लू के आने की आशंका बढ़ गई है। चूंकि स्वाइन फ्लू को अब सामान्य इन्फ्लूएंजा माना जा रहा है, इसलिए कोविड की तरह पर्यटकों की स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी। अलबत्ता, इनमें किसी भी तरह की दिक्कत, विशेषकर तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, भयंकर शरीर दर्द और तेज जुकाम के लक्षणों पर निगाह रखी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने होटलों, रेस्टोरेंट, यात्री गाड़ियों के ड्राइवरों से पर्यटकों में ऐसे किसी भी लक्षण नजर आने पर जानकारी देने को कहा है। मिलते-जुलते लक्षण नजर आने पर जांच कराई जाएगी।
किसी भी बीमारी से पीड़ित लोगों को फ्लू से खतरा है। 65 साल या इससे अधिक उम्र वाले, गर्भवती स्त्रियां, किडनी, लीवर और कैंसर के मरीज, डायलिसिस कराने वाले और स्टेरायड लेने वालों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन्हें बाहर निकलने पर अनिवार्य रूप से मास्क लगाना चाहिए। साबुन-पानी से दिन में कई बार हाथ धोते रहना है।
एसएन मेडिकल कालेज में अभी टेमी फ्लू की 50 टैबलेट उपलब्ध हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के पास 100 टैबलेट का स्टाक है। इसी तरह 222 सीरप भी विभाग के पास हैं। इसके अलावा 5 हजार टैबलेट की डिमांड लखनऊ मुख्यालय को भेजी गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए वैक्सीन मौजूद है। इसलिए किसी को भी घबराने या डरने की जरूरत नहीं है।
विशेषज्ञों के मुताबिक तेज बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द होने पर तत्काल जांच कराने की जरूरत है। किसी भी अच्छी निजी पैथोलाजी में जांच कराई जा सकती है। अथवा लक्षण नजर आने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा है। यहां की वायरोलाजी लैब को संदिग्धों के नमूनों की जांच करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डा.सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सावधानी बरतनी चाहिए। खुले और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क लगाकर जाएं। तेज बुखार और सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत होने पर जांच कराएं। बीमार लोग बेहद सावधान रहें। स्वास्थ्य विभाग पर जांच और इलाज के पर्याप्त इंतजाम हैं।
सिरदर्द और पूरे शरीर या मांसपेशियों में तेज दर्द
तेज बुखार या ठंड लगना
सूखी खांसी और गले में खराश या दर्द
नाक बहना या नाक बंद होना
अत्याधिक थकान या कमजोरी महसूस होना
उल्टी और दस्त होना
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