यूपी के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी ने कहर मचाया हुआ है। बाढ़ के कारण कई गांव और आबादी प्रभावित हो गई। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर जायजा लिया। सीएम योगी आज चित्रकूट पहुंचे और रामघाट में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। सीएम योगी रामघाट में बने रैन बसेरा भी गए। यहां पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। सीएम योगी ने रामायण मेला परिसर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से संवाद किया। बाढ़ प्रभावितों से नुकसान की जानकारी ली और मदद का भरोसा दिया। सीएम योगी इस दौरान रामघाट में टूटी हुई तुलसीदास की प्रतिमा के पास भी रुके।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट जिले का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित 800 परिवारों के बीच राहत सामग्री बांटी। उन्होंने आपदा के कारण बेघर हुए परिवारों को जमीन आवंटन के प्रमाण-पत्र भी दिए, ताकि वे रहने के लिए जमीन हासिल कर सकें। इसके अलावा, बाढ़ से प्रभावित पात्र परिवारों को बाढ़ से हुए नुकसान से उबरने में मदद के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) से आर्थिक सहायता मिलेगी।
अपने कार्यक्रम के तहत, मुख्यमंत्री योगी ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण से उन्हें बाढ़ की गंभीरता, बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और प्रभावित बस्तियों की स्थिति का जायजा लेने में मदद मिली। इसके बाद उन्होंने रैन बसेरे का दौरा किया, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं व कठिनाइयों को सुना।
मध्य प्रदेश और ललितपुर जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते शुक्रवार देर रात्रि राजघाट बांध से सवा लाख तो वहीं माताटीला बांध से डेढ़ हजार क्यूसेक पानी बेतवा नदी में डिस्चार्ज करने के बाद शनिवार सुबह दोनों बांधों से लगभग साठ से सरसठ हजार क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा रहा है। पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश और ललितपुर जनपद में हो रही झमाझम बारिश के कारण खेत, खलिहानों का पानी पोखरों, तालाबों, नदियों और नालों सेहोता हुआ बेतवा में पहुंच रहा है। इस कारण राजघाट बांध में तेजी से पानी की आवक हो रही है। इस बांध का उच्चतम जलस्तर 371.00 के सापेक्ष 370.50 मीटर तक पानी पहुंचते ही सिंचाई विभाग अधिकारी बांध के गेट खोलकर सवा लाख क्यूसेक कर दिया गया था।
यह जलराशि हिलोरे मारकर आगे माताटीला बांध की ओर बढ़ चली। इस पानी से माताटीला बांध में भरने लगा। बांध के उच्चतम जलस्तर 308.45 के सापेक्ष 307.21 पहुंचते ही यहां तैनात अफसर गेट खोलकर डेढ़ लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर रहे हैं। इससे बेतवा नदी के उफना गयी और नदी से सटे ग्रामीण इलाकों के खेतों में पानी प्रवेश कर गया। रिपटे डूबने से कई गांवों में आवागमन ठप हो गया था।
हालांकि शनिवार सुबह तड़के राजघाट बांध में पानी की आवक कम होने पर इससे डिस्चार्ज घटाकर 60,839 और माताटीला से 67,650 क्यूसेक पानी बेतवा में छोड़ा जा रहा है। सिंचाई विभाग अधिकारी रोस्टर के लिहाज से बांध में जल की आवक और डिस्चार्ज पर नजर बनाये हैं। इसके अलावा गोविंद सागर बांध से भी जल निकासी सीमित हो गयी है। इस बांध से फिलहाल 1192 क्यूसेक पानी शहजाद में डिस्चार्ज हो रहा है। वहीं शहजाद बांध से जल निकारी बंद कर दी गयी।
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