बिहार में अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के एक विधायक को गिरफ्तार करने की तैयारी है। दरअसल पुलिस ने दावा किया है उसके पास सीतामढ़ी जिले के बेलसंड के विधायक अमित कुमार रानू के खिलाफ जालसाजी और रंगदारी के साक्ष्य हैं। इसके बाद अब विधायक और उनके भाई सोनू सिंह को जेसीबी से 25 लोगों के मकानों और बॉउंड्री को तोड़ने के मामले में गिरफ्तार किया जाएगा। एसएसपी के अनुसार, दोनों के खिलाफ पुलिस न्यायालय में वारंट के लिए अर्जी देगी। इसके लिए पुलिस ने केस डायरी तैयार कर ली है। न्यायालय में वीडियो साक्ष्य भी पुलिस पेश करेगी।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अहियापुर के झपहां में जमीन पर कब्जे के लिए रंगदारी में विधायक का भाई पार्टी का झंडा लगी कार से पहुंचा था। उसके साथ 20 से अधिक बाइक और अन्य वाहनों पर 50 से अधिक लोग थे। वीडियो से सभी को चिह्नित किया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में अब तक मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी में 25 केस दर्ज किए गए हैं। इनमें से आठ में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू नामजद आरोपित हैं।
उन्होंने बताया कि विधायक के घर छापेमारी के दौरान भी पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार व सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर भी अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। कार्रवाई के क्रम में मोबाइल लोकेशन से पता चला कि विधायक का भाई सोनू सिंह कच्ची पक्की ओपी के भिखनपुरा में छिपा है। इस आधार पर छापेमारी की गई तो वहां भी पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। इसको लेकर कच्ची पक्की ओपी में संतोष और अन्य पर एफआईआर की गई है।
एसएसपी ने बताया कि विधायक के खिलाफ रुन्नीसैदपुर थाने में रंगदारी, जबरन वसूली और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं में पूर्व से केस दर्ज है। सीतामढ़ी पुलिस से इसकी जानकारी ली जा रही है। देखें P 07
- रंगदारी के लिए जमीन कब्जे की हुई कोशिश, पीड़ितों के बयान का बना वीडियो साक्ष्य
- सीओ से जमीन की वास्तविकता की ली जा रही जानकारी, इसे भी बनाया जाएगा साक्ष्य
एसएसपी ने बताया कि
वहीं, झपहां में घटनास्थल के वीडियो में दिख रहे सभी वाहनों के मालिकों का सत्यापन कराया जा रहा है। उन सभी की इस मामले में गिरफ्तारी की जाएगी। पीड़ितों ने बताया है कि मकान तोड़ने वाले बदमाशों ने मौके पर सभी से कहा कि यहां रहना है या मकान बनाना है तो बॉस को रुपये देने होंगे। अब तक की जांच में यह पता चला है कि विधायक व उसके भाई के लिए उनके गुर्गों ने बॉस शब्द का इस्तेमाल किया।
घर से मिले 2017 के ब्लैक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर
एसएसपी ने बताया कि विधायक के घर से हस्ताक्षरित ब्लैक स्टांप एग्रीमेंट पेपर मिले हैं। एक पार्टनरशिप का पेपर मिला। इससे यह जालसाजी का मामला बन रहा है। इसको लेकर छानबीन के आधार पर अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में आरोपितों की संपत्ति जब्ती के लिए आर्थिक अपराध इकाई को पत्र भेजा जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। शुरुआत में लोग डरे हुए थे, लेकिन कार्रवाई शुरू हुई तो लोगों का भय खत्म हुआ और पीड़ित एफआईआर के लिए आवेदन दे रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि बोचहां सीओ ने जमीन की रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया है कि वर्ष 2022 से ही लोग जमीन निबंधन कराकर झपहां में उक्त स्थल पर रह रहे हैं। उनके नाम दाखिल-खारिज होने के बाद राजस्व रसीद भी कट रही है। इसके बाद रंगदारी के लिए उक्त आरोपितों ने घटना की। जमीन कब्जे को लेकर प्रोटेक्शन गैंग को तोड़ा जाएगा। एसएसपी ने कहा कि इसके अलावा अन्य जगहों पर भी जमीन माफियाओं के ऐसे कृतय सामने आते हैं तो इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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