चौखट पर पानी है और घर में राशन खत्म हो चुका है। पांच दिन से घरों में फंसे परिवारों के सामने अब पेट भरने के साथ पीने के पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। फैजुल्लागंज में बाढ़ का पानी लगातार नए इलाकों में फैल रहा है। यह परेशानी दाउदनगर, मामा कॉलोनी, पवन विहार, दुर्गापुरी, मिल्लत नगर, अन्नपूर्णा नगर, राम विहार कॉलोनी, नंदपुरम कॉलोनी, संतकबीर नगर कॉलोनी सहित आसपास के इलाकों में रहने वालों की है। जलभराव के कारण कई इलाकों में बिजली भी गुल है।
नंदा फार्म निवासी रिंकू मिश्रा, पत्नी संध्या और बेटियों के साथ पांच दिन से घर में फंसे हैं। रिंकू के मुताबिक, जलभराव के कारण मोटर से भी गंदा पानी आ रहा है। ऐसे में पेयजल का संकट गहरा गया है। बेटी सोनी मिश्रा ने बताया कि घर से बाहर निकलने का रास्ता बंद है। खाने-पीने की समस्या बढ़ती जा रही है, लेकिन इलाके में मदद नहीं पहुंच रही है। पानी के बीच नाव भी घरों तक नहीं आ रही है। आठ फीट पानी में फंसे परिवार, राशन-पानी खत्म बनारसी होटल और पतंग मैदान के पास करीब आठ फीट जलभराव है। साहिल, मुनव्वर, आरिफ समेत कई परिवार पांच दिन से घरों में फंसे हैं। साहिल ने बताया कि घर में रखा राशन खत्म हो चुका है और अब पीने का पानी भी नहीं बचा है। पानी के कारण बाहर निकलना संभव नहीं है और नाव अंदर तक नहीं पहुंच रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी का कहना है कि फैजुल्लागंज के कई ऐसे इलाके हैं, जहां गलियों में नाव भी नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे इलाकों में खाद्य सामग्री और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर समेत अन्य वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करने की मांग की है। अजीत ने जुगाड़ से बनाई नाव बाढ़ में फंसे लोगों के लिए घर से निकलने के लिए नाव ही सहारा है, लेकिन इसके लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यह देख फैजुल्लागंज के पवन विहार निवासी अजीत कुमार ने घरेलू सामान और उपलब्ध संसाधनों से जुगाड़ की नाव तैयार की है। उनका कहना है कि इस जुगाड़ से कम से कम रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी दूसरे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दुबग्गा के लालजी टंडन वार्ड स्थित टाड़खेड़ा गांव में गोमती का जलस्तर बढ़ने से हालात गंभीर हो गए हैं। माध्यमिक विद्यालय समेत तीन निजी स्कूलों में पानी भरने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है। एमसी सक्सेना कॉलेज परिसर भी जलमग्न है। रविवार रात से सोमवार शाम तक पानी दो मीटर से अधिक बढ़ गया। जेहटा-माल मुख्य मार्ग पर पानी भरने से राहगीरों को करीब एक घंटे तक जाम से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र के 2500 से अधिक मकान बाढ़ की चपेट में हैं। नगर निगम और राजस्व विभाग की टीमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 10 से अधिक नावों के जरिये लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं। कई परिवार रिश्तेदारों के घर और कुछ अपने गृह जनपद चले गए हैं। प्रशासन ने भोजन वितरण और चिकित्सा शिविर लगाए हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों गुड्डू, कल्लू, संतराम, अटल, विलास, महेंद्र, रामचंद्र समेत अन्य का आरोप है कि राहत सामग्री समय पर नहीं पहुंच रही है।
जानकीपुरम जोन के फैजुल्लागंज बाढ़ग्रस्त इलाकों के 3000 घरों और दुकानों की बिजली बंद हो गई है। सोमवार बाढ़ का पानी करीब तीन फीट बढ़ा तो चार और ट्रांसफार्मर बंद करने पड़े। अधिशासी अभियंता पंकज कुमार गुप्ता के मुताबिक, अब तक 15 ट्रांसफार्मर बंद हो चुके है। इनमें पांच ट्रांसफार्मर 630 केवीए और 10 ट्रांसफार्मर 250 केवीए के हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ग्रस्त इलाके में टीम की तैनाती कर दी गई है। यह टीम लगातार निगरानी कर रही, जिससे पेटी तक पानी पहुंचने पर बिजली को बंद किया जा सके। उधर, यूनिवर्सिटी उपकेंद्र के तहत 11 हजार के भूमिगत केबल में फॉल्ट आने के कारण दामोदर अपार्टमेंट की बिजली शाम करीब सात बजे गुल हो गई। यह केबल दामोदर अपार्टमेंट की स्वतंत्र लाइन है। इस पर सिर्फ उनके ही अपार्टमेंट को बिजली आपूर्ति होती है। इसे सही करने में साढ़े तीन घंटे से ज्यादा समय लगा। इसी प्रकार अमीनाबाद के श्रीराम रोड, नजीराबाद, खदरा, चौक, अकबरीगेट ढाल, नादान महल रोड, चारबाग, आशियाना, एलडीए कॉलोनी में बिजली की आवाजाही लगी रही।
बाढ़ से घिरे फैजुल्लागंज के अन्नपूर्णानगर में करीब दो सप्ताह से बीमार 72 वर्षीय बंशीलाल की सोमवार सुबह मौत हो गई। घर के चारों ओर पानी भरा होने के कारण परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जा सके। मौत के बाद शव को घर से बाहर निकालने के लिए भी मदद नहीं मिली तो परिजनों ने पुराने टायरों पर पटरा बांधकर अस्थायी नाव तैयार की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और नाव उपलब्ध कराई गई। इसके बाद शव को बाढ़ क्षेत्र से बाहर निकालकर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक, बंशीलाल करीब दो सप्ताह से बीमार थे। जलभराव के कारण घर से निकलना मुश्किल था। उन्होंने मदद के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन समय पर सहायता नहीं मिली। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। स्वास्थ्य टीमें 24 घंटे तैनात हैं और एंबुलेंस की भी व्यवस्था है। बुजुर्ग को समय पर इलाज क्यों नहीं मिल सका, इसकी जांच कराई जाएगी।
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