दिवाली और छठ पूजा के करीब आते ही देश के बड़े शहरों से यूपी‑बिहार की ओर लौटने वाले कामगारों की भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ गई है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य मेट्रो क्षेत्रों में काम करने वाले लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए घर वापसी की तैयारी कर रहे हैं, परन्तु ट्रेनों में जगह की कमी ने यात्रा को जोखिमभरा बना दिया है।
दिल्ली‑मुंबई से चलने वाली नियमित ट्रेनों के जनरल डिब्बों में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची है। कई यात्रियों को दरवाज़े पर लटककर सफर करना पड़ रहा है। यह दृश्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (PDY) पर विशेष रूप से स्पष्ट था, जहाँ पुरुषोत्तम एक्सप्रेस जैसी भीड़भरी ट्रेनें ठहरती हैं।
पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, जो आनंद विहार से कानपुर‑प्रयागराज‑PDY‑गया तक चलती है, में जनरल कोच में भीड़ अत्यधिक थी। भुसावल‑गया के पिंटू कुमार ने बताया कि ट्रेन में चढ़ते ही पैर रखने तक की जगह नहीं रही और वह खड़े‑खड़े ही PDY तक पहुँच गए। जयपुर‑गया के संदीप कुमार ने कहा कि भीड़ के कारण उन्हें दरवाज़े पर लटकना पड़ा।
दिल्ली से गया जा रहे गुरु प्रसाद ने कहा, “मैं दिल्ली से ही खड़ा होकर यात्रा कर रहा हूँ, दरवाज़े पर लटकना अब मजबूरी बन गया है।” उन्होंने यह भी बताया कि दो‑तीन महीने पहले यह तय करना मुश्किल था कि त्योहार पर घर पहुँच पाएंगे या नहीं। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, परन्तु सामान्य ट्रेनों की भीड़ को कम करने में ये पर्याप्त नहीं हैं।
ट्रेन में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उजागर हुई। विवेक कुमार ने बताया कि भीड़ के कारण बाथरूम तक पहुँचना मुश्किल है, पानी की कमी और गंदगी से सफ़ाई भी बाधित है। राहुल कुमार, जो आनंद विहार‑गया के बीच यात्रा कर रहे हैं, ने कहा कि शुरुआत में उन्हें खड़ा रहना पड़ा, बाद में सीट मिली, पर टॉयलेट में पानी नहीं था।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस‑भागलपुर‑गोड्डा एक्सप्रेस में भी समान स्थिति देखी गई। जनरल डिब्बे में इतनी भीड़ थी कि कुछ यात्रियों ने गैलरी में कपड़े का झूला बना कर रात में उसी पर लेट कर यात्रा करने का उपाय किया। विकास कुमार और सुधीर ने बताया कि सीट नहीं मिलने के कारण वे दरवाज़े पर लटककर या बैठकर सफर कर रहे हैं, जिसे उन्होंने “बेहद असहज” कहा।
रायपुर‑गया के शंभू यादव ने सरकार से अपील की कि त्योहारों के दौरान जनरल कोच की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को खड़े‑खड़े या दरवाज़े पर लटककर यात्रा न करनी पड़े।
राइलवे ने भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। ग्राउंड सुरक्षा (GRP) और रेलवे पुलिस बल (RPF) के जवानों के साथ कमर्शियल विभाग के कर्मचारियों को स्टेशनों पर तैनात किया गया है। फिर भी यात्रियों की मांग है कि स्पेशल ट्रेनें और जनरल कोच दोनों को बढ़ाया जाए, ताकि जोखिमपूर्ण सफर को समाप्त किया जा सके।
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