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अमर उजाला डिजिटल से खास बातचीत में रिया अहीर ने अपने बचपन से लेकर थिएटर, मॉडलिंग और अभिनय के सफर के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि महज साढ़े चार साल की उम्र में थिएटर शुरू करने के बाद उन्होंने देशभर में 100 से ज्यादा शो किए। वहीं, अमिताभ बच्चन के सामने अभिनय करने का एक ऐसा किस्सा भी साझा किया, जिसे वह आज तक नहीं भूल पाई हैं।
'डॉक्टर ने कहा था, जिंदगीभर असर रह सकता है' रिया की कहानी में संघर्ष काफी पहले शुरू हो गया था। 'जब मैं छोटी थी तो मैं अपने घर की पहली मंजिल से गिर चुकी थी। मैं मुंबई में ही थी। मैं लगभग बेहोश थी और डॉक्टर ने कहा था कि अगर मुझे कुछ और चोट लग जाती तो शायद जिंदगीभर उसका असर रहता। मेरे मुंह के अंदर सात टांके आए थे। लोग मेरी तस्वीरों को देखकर आज बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन उन्हें मेरी असलियत नहीं पता।'
साढ़े चार साल की उम्र में शुरू किया थिएटर रिया की बड़ी बहन जहां थिएटर करती थीं, वहीं जाने की जिद रिया ने भी पापा से की। इसके बाद उन्होंने भी मंच पर कदम रख दिया। 'मैं साढ़े चार साल की थी, तब से थिएटर कर रही हूं। मेरी बहन थिएटर करती थीं। मैंने पापा से कहा कि मुझे भी थिएटर करना है। फिर मैं वहां गई और उसके बाद मैंने कभी मुड़कर नहीं देखा। उसी हफ्ते मैंने पहली बार पृथ्वी थिएटर में परफॉर्म किया।'
13 साल में 100 से ज्यादा शो बचपन में शुरू हुआ थिएटर रिया की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया। उन्होंने अलग-अलग जगहों पर मंच पर काम किया और देशभर में प्रस्तुतियां दीं। 'करीब 13 साल थिएटर करने के बाद मैंने पूरे भारत में परफॉर्म किया है। 100 से ज्यादा शो किए हैं। बड़े कलाकारों के साथ परफॉर्म किया है। अटारी बॉर्डर पर भी मैंने परफॉर्म किया है। उन्होंने मुझे एक मोमेंटो भी दिया था। हालांकि, मुझे वहां की चॉकलेट्स याद हैं। मोमेंटो अब याद आ रहा है।'
16 साल की उम्र में सुशांत सिंह राजपूत ने किया सम्मानित थिएटर के सफर में रिया के लिए एक खास पल तब आया, जब उन्हें कम उम्र में सुशांत सिंह राजपूत ने सम्मानित किया। 'जब मैं 16 साल की थी, तब जिस नाटक कंपनी और ग्रुप के साथ मैं हूं, उसमें मेरे योगदान के लिए सुशांत सिंह राजपूत ने मुझे फेलिसिटेट किया था।'
छह साल से मॉडलिंग कर रही हैं रिया थिएटर के साथ रिया ने मॉडलिंग भी शुरू की। उनके मुताबिक, पिछले छह साल से वह मॉडलिंग कर रही हैं और इस दौरान उन्हें कई ब्रांड्स के साथ काम करने का मौका मिला। 'छह साल से मैं मॉडलिंग कर रही हूं। मैंने बहुत अच्छे ब्रांड्स के साथ काम किया है। ब्यूटी, कपड़ों और जूतों के ब्रांड्स के साथ काम किया है। अनन्या पांडेय और कटरीना कैफ के साथ भी शूट किया है।'
एक दिन में तीन-चार ऑडिशन तक मॉडलिंग के साथ अभिनय में मौके तलाशने के लिए रिया लगातार ऑडिशन देती रहीं। उनका कहना है कि कई बार मन न होने के बावजूद भी वह ऑडिशन देने पहुंचती थीं। 'मैंने अपनी जिंदगी में इतने सारे ऑडिशन किए हैं, इतने सारे किरदार निभाए हैं। हर रोज कम से कम तीन-चार ऑडिशन किए हैं और हफ्ते में तो और ज्यादा हो जाते हैं। मन नहीं करता है, तब भी करते हैं। एक ऑडिशन हो तो भी तैयार होकर करते हैं।' कैमरे के पीछे भी काम किया अभिनय के साथ रिया ने फिल्म मेकिंग की दूसरी प्रक्रियाओं को भी करीब से समझा। वह कास्टिंग असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुकी हैं। 'मैं बतौर कास्टिंग असिस्टेंट भी रही हूं। मुझे कैमरे के आगे का काम भी पसंद है और कैमरे के पीछे का भी। आर. बाल्की सर के साथ भी मैंने बतौर कास्टिंग असिस्टेंट काम किया है। कोविड के वक्त करीब एक साल मैंने ये काम किया था।'
फिर अमिताभ बच्चन के सामने हुई परीक्षा कास्टिंग के दौरान रिया को अमिताभ बच्चन के सामने क्यू देने का मौका मिला। थिएटर का लंबा अनुभव होने के कारण वह काफी आत्मविश्वास में थीं। 'सबको पता था कि मेरा थिएटर बैकग्राउंड है, लेकिन किसी ने मुझे एक्टिंग करते हुए देखा नहीं था। तो एडी और डायरेक्टर्स जो होते हैं, वो आपके साथ मस्ती मजाक करते हैं। उन्होंने कहा कि ये 13 साल से थिएटर कर रही है, चलो इसको टेस्ट करते हैं। उन्होंने मुझे अमिताभ बच्चन सर के सामने क्यू देने के लिए बैठा दिया। मैं भी कॉन्फिडेंट थी, क्योंकि इतने साल थिएटर किया था। मैंने स्क्रिप्ट ली और पढ़ना शुरू किया। सर सामने बैठे थे और हम क्यू दे रहे थे।'
अमिताभ बच्चन बोले- 'बेटा, आपकी लाइन है' रिया को लगा कि सब ठीक चल रहा है, लेकिन तभी अमिताभ बच्चन ने उन्हें उनकी लाइन याद दिलाई। 'सर ने कुछ बोला। मैंने ऊपर देखा तो उन्होंने कहा, 'बेटा, आपकी लाइन है।' मैंने अपना चेहरा स्क्रिप्ट के अंदर कर लिया और फिर से अपनी लाइन बोली।' इतने ऑडिशन के बाद भी क्यों नहीं मिला मौका? थिएटर का लंबा अनुभव होने और लगातार ऑडिशन देने के बावजूद रिया को बतौर लीड एक्ट्रेस कई जगह मौका नहीं मिला। लेकिन उनका कहना है कि इंडस्ट्री में रिजेक्शन की वजह अक्सर बताई नहीं जाती। 'वजह तो वो बताते नहीं। इतने सारे ऑडिशन आते हैं, तो समझ नहीं आता कि आखिर रिजेक्शन क्यों हुआ।'
'शायद उन्हीं रिजेक्शन की वजह से आज यहां बैठी हूं' रिया अब अपने रिजेक्शन को अपने करियर की कमजोरी नहीं मानतीं। उनका कहना है कि शायद इन्हीं अनुभवों ने उन्हें आज यहां तक पहुंचाया है। 'मुझे एक्टिंग के लिए बहुत सारे रिजेक्शन भी मिलते रहे हैं। इसलिए शायद यहां बैठी हूं। वरना किसी फिल्म के प्रमोशन में यहां होती। लेकिन वो सारे रिजेक्शन जो मेरी लाइफ में थे, उन्हीं की वजह से मैं यहां बैठी हूं। आज जो भी मेरी लाइफ में है, जो भी एक्सपीरियंस हुआ, जो भी घटित हुआ है, उन सभी सकारात्मक चीजों की वजह से मैं यहां हूं।'
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