अमेरिका में 3 नवंबर को मिड‑टर्म चुनाव के तहत हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटें और सीनेट की 35 सीटें तय की जा रही हैं। यह भारत के लोकसभा‑राज्यसभा प्रणाली के समान है। साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर का चुनाव भी चल रहा है, जिसका असर 2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर भी पड़ सकता है।
वोटिंग सभी 50 राज्यों में चल रही है। पूर्वी समय क्षेत्र के आठ राज्यों—कनेक्टिकट, इंडियाना, केंटकी, मेन, न्यू हैम्पशायर, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया—में सबसे पहले मतदान शुरू हुआ।
अर्ली वोटिंग के तहत 5.7 करोड़ से अधिक मतदाता अपना वोट डाल चुके हैं। इनमें 3.2 करोड़ ने इन‑पर्सन मतदान किया, जबकि 2.5 करोड़ ने मेल‑इन बैलट (पोस्टल बैलट) का उपयोग किया। यह आंकड़ा 2022 के 4.6 करोड़ अर्ली वोट से अधिक है।
मिड‑टर्म चुनाव अमेरिकी लोकतंत्र का दो‑साल का लिटमस टेस्ट है। यह जनता को सरकार के पिछले दो साल के कामकाज का मूल्यांकन करने का मंच देता है। 1938 के बाद के 22 मिड‑टर्म में केवल दो बार राष्ट्रपति की पार्टी ने बहुमत हासिल किया है—1998 में बिल क्लिंटन की डेमोक्रेटिक पार्टी और 2002 में जॉर्ज बुश की रिपब्लिकन पार्टी।
वर्तमान में हाउस में रिपब्लिकन 219 सीटों (एक निर्दलीय के साथ) और डेमोक्रेट्स 214 सीटें रखते हैं। सीनेट में रिपब्लिकन के पास 53 सीटें, डेमोक्रेट्स के पास 45 और दो निर्दलीय हैं। इस स्थिति में यदि डेमोक्रेट्स को मिड‑टर्म में बहुमत मिल जाता है, तो ट्रंप के एजेंडे पर बड़ी रुकावटें आ सकती हैं।
ट्रंप को तीन प्रमुख मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है:
- ईरान‑युद्ध—इस संघर्ष के कारण डीजल की कीमत 70% और पेट्रोल की कीमत 50% तक बढ़ गई है, साथ ही भारी बजट खर्च भी सवाल उठाता है।
- इमिग्रेशन—ट्रंप के कार्यकाल में 9 लाख से अधिक अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट किया गया, लेकिन आलोचना यह है कि कई लोगों को बिना आपराधिक रिकॉर्ड के भी निकाला गया, जिससे कृषि और इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्यबल पर असर पड़ा।
- टैरिफ—विदेशी देशों पर बढ़ते टैरिफ से आवश्यक वस्तुओं की कमी और महंगाई बढ़ी है, जबकि प्रतिपक्षी टैरिफ ने अमेरिकी व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया है।
इन चुनौतियों के बीच ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 31% पर गिर गई है, जो उनके कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है। फिर भी उन्होंने पिछले 32 दिनों में 20 राज्यों में 30 रैलियों का आयोजन कर चुनावी अभियान को तेज किया है।
यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर काबू पा लेते हैं, तो ट्रंप के फैसलों की जांच‑परख बढ़ेगी और उनके एजेंडे को आगे ले जाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के माध्यम से वह अभी भी कुछ नीतियों को लागू कर सकते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ओहायो, मिशिगन और जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में रैलियां आयोजित कीं, यह कहते हुए कि यह चुनाव ट्रंप को रोकने का “आखिरी और सबसे अच्छा मौका” है।
गवर्नर पद के चुनाव में 36 राज्यों में प्रतिस्पर्धा जारी है। ओहायो में भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन के बीच करीबी मुकाबला है, जबकि कई भारतीय‑अमेरिकी उम्मीदवार विभिन्न पदों के लिए लड़ रहे हैं।
अमेरिका में कुल लगभग 21 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। कैलिफ़ोर्निया (2.32 करोड़), टेक्सास (1.74 करोड़) और फ्लोरिडा (1.36 करोड़) मिलकर रजिस्टर्ड वोटरों का लगभग 26% हिस्सा बनाते हैं। व्योमिंग, वर्मोंट और अलास्का में सबसे कम रजिस्टर्ड वोटर हैं।
मिड‑टर्म परिणामों की शुरुआती तस्वीर 4 नवंबर को सुबह 5:30 बजे (भारतीय समय) से दिखने लगेगी, बड़े राज्यों के परिणाम 6:30 बजे, करीबी मुकाबले वाली सीटें 7:30 बजे और पश्चिमी राज्यों के परिणाम 8:30 बजे के आसपास आएंगे।
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