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दिल्ली में आम लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक 'सिटिज़न्स मार्च' निकाला.
इस मार्च में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए हैं और इलाक़े में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.
वामपंथी छात्र संगठन आइसा ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उसकी नेता नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
नेहा बोरा के एक्स अकाउंट पर लिखा गया, "दिल्ली पुलिस नेहा को ख़ुद कहाँ ले जा रही है. यह हिरासत में लेना नहीं है, यह अपहरण है."
आइसा ने आरोप लगाया, "पुलिस उन्हें एक अनधिकृत वाहन में ले गई है, जिसमें एक भी महिला पुलिस कॉन्स्टेबल मौजूद नहीं है. हम नहीं जानते हैं कि उन्हें कहाँ लेकर जा रहे हैं. उनके बारे में हमारे पास कोई जानकारी नहीं है."
हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस का पक्ष इस अपडेट में उपलब्ध नहीं है.
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सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने पर आरोप लगाया कि नेहा को जिस कार में ले जाया गया, उसमें एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. उन्होंने इसे ग़ैरक़ानूनी बताते हुए कहा, "चुनाव आयोग की ग़ैरक़ानूनी चीज़ों की रक्षा में एक और ग़ैरक़ानूनी काम."
योगेंद्र यादव ने यह भी बताया कि उन्हें प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.
उन्होंने एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "बस में डाल दिया गया है और फिर कहीं ले जा रहे हैं. जब तक ज्ञानेश कुमार की छुट्टी नहीं होगी, हम भी छुट्टी नहीं लेंगे. सिलसिला जारी है…"
इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में इंडिया गेट इलाक़े में पहुंचे. प्रदर्शनकारी लगातार दिल्ली पुलिस के ख़िलाफ़ नारे लगाते नज़र आए.
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज भी महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन हिंसा के मामले को लेकर प्रदर्शन में पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें उनके कई सहयोगियों के साथ हिरासत में ले लिया.
सौरभ भारद्वाज ने कहा, "महिला पत्रकारों के साथ जब ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम लोगों के बारे में आप सोच सकते हैं. एसीपी के ख़िलाफ़ एफ़आईआर होनी चाहिए."
सौरभ भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने से पहले काफ़ी देर तक हंगामा होता रहा. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस पर बदसलूकी के आरोप लगाए.
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इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और पार्टी की सदस्य रत्ना सिंह संसद मार्ग थाने पहुंचे. उनके साथ सीपीआईएम नेता वृंदा करात भी मौजूद थीं.
सौरव दास ने कहा, "आज सीजेपी की तरफ़ से मैं और रत्ना सिंह पीड़ितों के समर्थन में आए हैं. दिल्ली पुलिस जिस बर्बरता के साथ युवाओं को हिरासत में ले रही है और उनके साथ मारपीट कर रही है, पूरा देश देख रहा है. दिल्ली पुलिस को शर्म आनी चाहिए."
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कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हमारी टीम यौन हिंसा का शिकार महिला के साथ पुलिस स्टेशन के अंदर गई और उनसे एसीपी के ख़िलाफ़ छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा, लेकिन दिल्ली पुलिस ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि क्राइम ब्रांच की जांच जारी है."
"कानून स्पष्ट है, बिना किसी जांच के एफ़आईआर दर्ज की जानी चाहिए. इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस अपने एसीपी को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है."
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