पटना और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कन्हौली से शेरपुर के बीच बनने वाली नौ किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क का निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू होगा। परियोजना के लिए जरूरी 177 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना पर करीब 778 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद पटना शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर से परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा।
कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क की सबसे बड़ी खासियत इसका बिहटा-दानापुर एलिवेटेड रोड से सीधा जुड़ाव होगा। इससे पटना के पश्चिमी हिस्से की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बिहटा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के साथ आम लोगों को भी आवागमन में सुविधा होगी।
सड़क बनने से उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और झारखंड के बीच आने-जाने वाले भारी वाहनों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इन मार्गों पर चलने वाले कई भारी वाहनों को पटना शहर से होकर गुजरना पड़ता है। इससे शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क चालू होने के बाद भारी वाहन शहर में प्रवेश किए बिना बाहरी मार्ग से अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।
वर्तमान में दानापुर, खगौल, नेहरू पथ और सगुना मोड़ जैसे प्रमुख इलाकों में वाहनों का भारी दबाव रहता है। नई सड़क के चालू होने के बाद इन इलाकों से गुजरने वाले भारी वाहनों की संख्या कम होने की उम्मीद है। इससे यातायात सुगम होगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। साथ ही समय और ईंधन की भी बचत होगी।
कन्हौली-शेरपुर छह लेन सड़क से यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ पटना के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। एनएचएआई और संबंधित एजेंसियों ने निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
पटना और आसपास के इलाकों के लोगों को जल्द ही जाम से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। पटना जंक्शन और परसा बाजार रेलवे स्टेशन के बीच लेवल क्रॉसिंग नंबर-4 पर बन रहे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार आरओबी का निर्माण इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की देखरेख में निर्माण एजेंसी एफकॉन्स इस परियोजना का निर्माण कर रही है। आरओबी के फाउंडेशन और सब-स्ट्रक्चर का काम शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, सुपर स्ट्रक्चर का करीब 80% काम पूरा है। अंतिम चरण के निर्माण के लिए दानापुर रेल मंडल से पावर ब्लॉक की अनुमति मांगी गई है। शेष सुपर स्ट्रक्चर और सड़क निर्माण का काम तेज गति से पूरा किया जाएगा।
आरओबी के चालू होने से मीठापुर, परसा बाजार, महुली, पुनपुन और पटना-गया मार्ग पर रोजाना आवाजाही करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी। इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बचेंगे। यह आरओबी मीठापुर-महुली रोड परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके चालू होने से पटना से पुनपुन और गया की ओर जाने वाले मार्ग पर आवागमन सुगम होगा और रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से भी लोगों को राहत मिलेगी।
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