बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अभी राजनीतिक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं हुए हैं। उन्हें आगे और मैच्योर होने की जरूरत है। जब तक वो पूरी तरह परिपक्व नहीं हो जाते, उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। मायावती ने आकाश आनंद से बसपा के राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर का पद भी वापस ले लिया है। हालांकि उन्हें पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है। इससे पहले आकाश आनंद को दो बार पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
मायावती के फैसले के बाद आकाश आनंद ने अपने एक्स अकाउंट से राष्ट्रीय को-ऑर्डिनेटर का पद हटा लिया है। अब उनके प्रोफाइल पर खुद को केवल ‘बसपा कार्यकर्ता’ बताया गया है। पार्टी में उनकी भूमिका फिलहाल सामान्य कार्यकर्ता तक सीमित रहेगी। बसपा के युवा नेताओ में आकाश आनंद की गिनती होती है। उनकी उम्र महज 30 साल है। लेकिन बसपा में बार-बार बेताज होने से उनकी राजनीति बिगड़ रही है। ये कोई पहला मौका नहीं है, जब उनसे जिम्मेदारी वापस ली गई हो। बीते सवा दो साल में 6 बार मायावती ने आकाश आकाश को लेकर यू-टर्न लिया है।
पहला यू टर्न- मई 2024 में मायावती ने आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया
दूसरा यू-टर्न- जून 2024 में आकाश की वापसी और जिम्मेदारियां बहाल की गईं
तीसरा यू-टर्न- मार्च 2025 में आकाश फिर सभी पदों से हटा दिया। फिर पार्टी से बाहर कर दिया
चौथा यू-टर्न- अप्रैल 2025 में माफी मांगने के बाद आकाश की फिर पार्टी में वापसी हुई
पांचवां यू-टर्न- मई 2025 में आकाश को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई
छठा यू-टर्न- सितंबर 2026 आकाश आनंद अपरिपक्व बताकर फिर पद से हटाए गए
बीएसपी चीफ मायावती के आकाश आनंद पर लिए गए इन फैसलों से पार्टी के नेता और समर्थक भी असमंजस में पड़ गए हैं। हाल ही में यूपी चुनाव के मद्देनजर आकाश आनंद को चुनाव प्रचार की कमान सौंपी गई थी। उन्होने हाथरस से बसपा के चुनाव प्रचार का शंखनाद किया था। इस दौरान बीजेपी, सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था। आकाश आनंद ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘अंकल' कहकर संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 30 वर्ष है, जबकि अखिलेश यादव करीब 50 वर्ष के हैं। ऐसे में उन्हें ‘अंकल' ही कहा जाएगा।
वहीं बीजेपी को शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार पर घेरा था। अपनी आक्रामक शैली के चलते उनके भाषण वायरल भी होते हैं। इससे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कई जनसभाओं को संबोधित किया। मई 2024 में सीतापुर की एक जनसभा में उनके आक्रामक भाषण के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद मायावती ने उन्हें पार्टी से हटा दिया था। और अब एक बार फिर से आकाश आनंद पर गाज गिरी है।
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