बिहार के कई जिलों में बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा हैष। बेगूसराय में गंगा बाया नदी का रिंग बांध टूटने और भागलपुर के नवगछिया के खरीक प्रखंड में तटबंध कटने के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। उधर, गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से बक्सर से कहलगांव तक दियारा के कई गांव बाढ़ से घिरे हैं। नवगछिया के खरीक में गंगा के बढ़ते जलस्तर और पानी के तेज दबाव के बीच रविवार मध्य रात टोला-शंकरपुर के पास काजीकौरिया-राघोपुर मार्जिनल बांध का डी-नोज के निकट करीब 110 मीटर तक कटाव हुआ। इससे गंगा का पानी राघोपुर गांव में फैल गया। ऊर्जा मंत्री और गोपालपुर के विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल के घर में भी ठेहुना भर पानी घुस गया है।
अचानक आई बाढ़ से 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई। ऊर्जा मंत्री रविवार की रात अपने घर पर ही थे। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, कटाव को नियंत्रित कर लिया गया है। उधर, बछवाड़ा के झमटिया गांव के समीप गंगा बाया नदी पर बने रिंग बांध के करीब 30 फीट लंबाई में रविवार की देर रात अचानक टूटने से बछवाड़ा प्रखंड की रानी- तीन पंचायत में रिंग बांध व गुप्ता बांध के बीच स्थित कुल आठ वार्डों में पानी तेजी से फैल रहा है। जल संसाधन विभाग की टीम स्थल पर पहुंचकर मिट्टी भरी बोरियों से बांध की मरम्मत में जुटी हुई है।
गंगा नदी में उफान से मोकामा,मनेर और दानापुर दियारा वासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गंगा नदी के तेज कटाव के कारण मोकामा से कसहा दियारा जाने वाली मुख्य सड़क रविवार देर रात धंस गई, जिससे आवागमन ठप हो गया। गंगा और सोन के बीच बसा मनेर के इस्लामगंज गांव फिर टापू बन गया है। दानापुर दियारा के छोटा हरशामचक गांव में प्राथमिक विद्यालय पानी से घिरा हुआ है। गंगा नदी में उफान से दियारावासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
गंगा में कटाव से मोकामा प्रखंड मुख्यालय से कसहा दियारा जाने वाली मुख्य सड़क रविवार देर रात धंस गई, जिससे आवागमन ठप हो गया। उधर, पटना के बिंद टोली में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। सड़क धंसने से नया कसहा, शिवनगर, विजयगढ़, सीतापुर, डुमरा-जंजीरा और पुरानी कसहा गांव की पांच हजार से अधिक आबादी का मोकामा प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इसी पंचायत के शिवनगर गांव में पुलिया के पास भी सड़क धंस गई है।
उधर, खेतों में पानी जमा होने से फसलें बर्बाद हो गईं। साथ ही पशुओं के लिए चारे का भी संकट पैदा हो गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दियारावासी दहशत में हैं। लोग बच्चों के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द वैकल्पिक मार्ग और राहत कार्य शुरू करने की गुहार लगाई है। इस संबंध में बीडीओ ने बताया कि ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराई जा रही है, ताकि आवागमन जल्द बहाल किया जा सके।
गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी होने से मोकामा की शिवनार पंचायत का एक हिस्सा, जंजीरा दियारा इलाका जलमग्न हो गया है। बाढ़ के पानी से घिरने के बाद जंजीरा दियारा के लोग घर छोड़कर मोकामा में शरण ले रहे हैं। लोग अपने कीमती और रोजमर्रा के सामान को नावों पर लादकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
गंगा और सोन के बीच बसा मनेर के इस्लामगंज गांव एक बार फिर टापू बन गया है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ते ही पानी इस्लामगंज गांव के चारों ओर फैल गया हैं। गांव में आवाजाही का एकमात्र सहारा नाव बचा है। वहीं, निचले इलाके में बने घरों में पानी घुस गया है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि से दानापुर दियारा की छह पंचायतों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रभावित इलाकों में पुरानी पानापुर, कासिमचक, हेतनपुर, गंगहारा, पतलापुर और मानस पंचायत के दर्जनों गांव शामिल हैं। हरशामचक गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। बाढ़ के कारण सबसे ज्यादा परेशानी छोटा कासिमचक, नवदियरी और हरशामचक समेत निचले इलाकों में बसे लोगों को हो रही है। विशुनपुर गांव के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे लोग ऊंचे स्थानों पर जाकर शरण लेने को मजबूर हैं।
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