सीएम योगी ने कहा कि संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। वाराणसी-विंध्य क्षेत्रीय विकास योजना भी जल्द लागू होगी। इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण में मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग के निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से सीधा संवाद किया। उद्यमियों ने कालीन कारोबार की समस्याएं और उद्योग के विकास को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद भिखारीपुर मैदान में आयोजित जनसभा में उन्होंने 1340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी, भदोही और मिर्जापुर को मिलाकर सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे कालीन, रेशम और हस्तशिल्प उद्योग को नई उड़ान मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कालीन की कारीगरी देखकर बोले—हुनर को मिलेगी नई उड़ान अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने कालीनों की बारीक कारीगरी, डिजाइन और निर्माण कला को देखा तथा कारीगरों के हुनर की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कालीन उद्योग से जुड़े लोगों से बातचीत भी की। सीईपीसी चेयरमैन कुलदीप राज वाटल और वाइस चेयरमैन असलम महबूब ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही का कालीन उद्योग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है। सरकार का प्रयास है कि कारीगरों और निर्यातकों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर बाजार और नई तकनीक उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल के तीन प्रमुख जिलों को जोड़कर सिल्क क्लस्टर विकसित होने से इस क्षेत्र की पारंपरिक कला और उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में और मजबूती मिलेगी।
फिर बदला भदोही का नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भदोही के नाम को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिला अब संत रविदास नगर भदोही के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद नाम को लेकर जनसभा में चर्चा तेज हो गई। परिवार-माफिया-दंगाई सपा का एजेंडा मुख्यमंत्री ने सपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसके एजेंडे में युवा और महिला नहीं हैं। सपा की राजनीति परिवार, माफिया और दंगाइयों के इर्द-गिर्द रही है। भाजपा सरकार ने प्रदेश को इस व्यवस्था से बाहर निकालकर कानून-व्यवस्था और विकास का माहौल बनाया है।
स्टालों पर रुके सीएम, देखी कालीन की बारीकी मुख्यमंत्री ने कालीन मेले में लगे स्टालों का बारीकी से निरीक्षण किया। विभिन्न डिजाइनों और कारीगरी को देखकर उन्होंने कारीगरों के हुनर की सराहना की। सीईपीसी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मेले और कालीन उद्योग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी।
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