यूपी पर मानसून मेहरबान बना हुआ है। इससे शहरी इलाकों में लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बुधवार दो सितंबर को भी नौ जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। एक दर्जन जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुल 37 जिलों के लिए अगले 24 घंटे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को वाराणसी लखनऊ समेत कई शहरों में बारिश होती रही।
मौसम मुख्यालय के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब आगे बढ़ गया है। यह पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऊपर आ गया है। इस वजह से मानसून की ट्रफ लाइन उत्तर भारत से होकर गुजर रही है। साथ ही चक्रवाती हवाओं का दबाव झारखंड और बिहार से होते हुए यूपी के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंच गया है। हवाओं की इस मजबूती से उत्तर प्रदेश में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश के आसार हैं। अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, कानपुर नगर एवं आसपास
प्रतापगढ़, वाराणसी, संत रवि दास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, जालौन, हमीरपुर एवं आसपास।
वहीं, मानसूनी बारिश यूपी में आफत भी बनने लगी है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश जनित हादसों, दीवार ढहने और जलभराव के कारण 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अवध, मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और रुहेलखंड क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
कच्ची दीवार गिरने से सीतापुर में चाचा-भतीजी और अमेठी में सात साल की बच्ची की जान चली गई। बाराबंकी में तेज बारिश के बीच दो बसों की भीषण टक्कर में एक मासूम की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। मध्य यूपी व बुंदेलखंड में भी मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। कानपुर देहात में कच्ची छत गिरने से सात माह की मासूम, हरदोई में दीवार गिरने से बुजुर्ग और बांदा में 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई।
कानपुर नगर में घर गिरने से एक वृद्धा की जान चली गई। वहीं, फर्रुखाबाद और फतेहपुर में भी हादसों में एक-एक बुजुर्ग की जान चली गई। फतेहपुर में 130 से अधिक कच्चे मकान ढह गए। पीलीभीत में तेज हवाओं के बीच शीशम का पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। सोनभद्र में पहाड़ी नाले में बहने से एक बच्चे की जान चली गई।
वाराणसी और गाजीपुर में गंगा नदी चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं, वहीं खीरी में बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। मंगलवार शाम 4 बजे तक बनबसा बैराज से 168750 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके कारण डाउनस्ट्रीम का जलस्तर 219.70 मीटर पर पहुंच गया है। बारिश को देखते हुए सोनभद्र और चंदौली में दो सितंबर को कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यालय बंद रहेंगे।
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