सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चीनी की कालाबाजारी और भ्रम फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने केंद्र सरकार के निर्देश के क्रम में कहा है कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक चीनी स्टॉक का भंडारण नहीं करेगा और वे एक समय में 400 टन से ज्यादा स्टॉक भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर्स (10 मीट्रिक टन प्रतिमाह खपत) भी 15 दिन से अधिक का स्टॉक नहीं रख सकते। सीएम योगी के इस सख्त आदेश और त्योहारों के बीच चीनी के बढ़ते दामों और कृत्रिम महंगाई की आशंका पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिलों में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रखने के लिए तहसील स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं। अलीगढ़ में एसडीएम के नेतृत्व में गठित ये टीमें थोक बाजारों, गोदामों और प्रमुख दुकानों पर निगरानी रख रही हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर ये तत्काल कार्रवाई करेंगी।
प्रशासन ने चीनी के थोक विक्रेताओं को अपने पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी घोषित करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी समय-समय पर गोदामों और दुकानों का निरीक्षण कर वास्तविक स्टॉक का मिलान कर रहे हैं। किसी व्यापारी के यहां घोषित मात्रा से अधिक चीनी मिलने या स्टॉक छिपाने की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जिले में फिलहाल चीनी की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में चीनी बाजार में उपलब्ध है, लेकिन त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने का फायदा उठाकर कुछ लोग जरूरत से ज्यादा स्टॉक कर सकते हैं। इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने और कीमतों में बेवजह उछाल की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बाजारों की निगरानी बढ़ा दी है।
तहसील स्तर पर गठित टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में चीनी के थोक विक्रेताओं के साथ खुदरा बाजार पर भी नजर रख रही हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी स्टॉक की उपलब्धता, खरीद-बिक्री और कीमतों की जानकारी जुटा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर संयुक्त टीमों द्वारा छापेमारी की जाएगी। प्रशासन का फोकस इस बात पर रहेगा कि बाजार में चीनी की नियमित आपूर्ति बनी रहे और आम उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई कीमत चुकाने के लिए मजबूर न होना पड़े। प्रशासन ने थोक व्यापारियों के साथ आम लोगों से भी अपील की है कि वे जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक न करें। अधिकारियों का मानना है कि अनावश्यक खरीदारी भी बाजार में मांग का दबाव बढ़ाकर कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
-थोक विक्रेताओं को चीनी का स्टॉक घोषित करना होगा, प्रशासन रखेगा निगरानी
-खाद्य विभाग और प्रशासनिक टीमें लगातार छापेमारी कर स्टॉक की करेंगी जांच
-एसडीएम के नेतृत्व में तहसील स्तर पर गठित टीमें जमाखोरी और कालाबाजारी पर रखेंगी नजर
-चीनी की कृत्रिम महंगाई रोकने के लिए स्टॉक सीमा और उपलब्धता की होगी निगरानी
-प्रशासन का दावा, जिले में चीनी की कमी नहीं; जमाखोरी से कीमत बढ़ने की आशंका पर कार्रवाई
-थोक विक्रेताओं के साथ आम लोगों से भी जरूरत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं करने की अपील
-महंगाई पर नियंत्रण के लिए बाजारों में निगरानी बढ़ी, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
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