लॉन्ग वीकेंड के आगमन के साथ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पहाड़ी रूटों पर ट्रैफिक का दबाव अचानक बढ़ गया। जोशीमठ‑बद्रीनाथ यात्रा मार्ग और कालका‑शिमला नेशनल हाईवे‑5 दोनों ही जगह गाड़ियों की अनवरत कतारें बन गईं।
जोशीमठ से विष्णुप्रयाग तक लगभग 7‑9 किमी के खंड में गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गई हैं। सुबह से ही बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर निकली भीड़ ने रास्ते को लगभग स्थिर कर दिया। स्थानीय लोग, पर्यटक और तीर्थयात्री सभी घंटे‑घंटे तक फँसे हुए हैं। दोपहर के बाद थोड़ी राहत दिखती है, पर फिर से ट्रैफिक ठहर जाता है।
रात होते ही सैकड़ों वाहनों की हेडलाइटें सड़क को दीवाली‑जैसी रोशनी से भर देती हैं। अंधेरे में भी ट्रैफिक का दबाव घटता नहीं, कुछ गाड़ियां धीरे‑धीरे आगे बढ़ पाती हैं, तो कुछ फिर रुक जाती हैं।
जोशीमठ‑मारवाड़ी सेक्शन में सड़क चौड़ीकरण का काम समय पर पूरा नहीं हो पाया, इसलिए सामान्य 30‑मिनट की दूरी अब 2‑3 घंटे तक खिंच रही है। लगातार एक ही जगह फँसे रहने से यात्रियों को थकान और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
जाम में फँसे कई तीर्थयात्रियों ने बताया कि उनके साथ महिलाएं और बुजुर्ग भी हैं, जिन्हें लंबे इंतजार से शारीरिक थकान हो रही है। कुछ यात्रियों ने कहा कि वही स्थिति पहले जोशीमठ की ओर जाने के समय भी थी, और अब वापसी में भी वही जाम है।
मौके की तस्वीरों में जोशीमठ से बलदौड़ा तक के 4‑5 किमी का खंड पूरी तरह गाड़ियों से भरपूर दिख रहा है। दूर तक केवल गाड़ियों की कतार और उनके लाइटों की रोशनी ही दिखाई देती है।
हिमाचल में कालका‑शिमला नेशनल हाईवे‑5 पर भी कई किलोमीटर लंबी कतार बन गई। सामान्य 3½‑4 घंटे की यात्रा शुक्रवार को कई‑कई घंटे ले रही है। गर्मी और उमस के बीच रेंगती गाड़ियां यात्रियों को पसीना बहा रही हैं, जबकि स्थानीय सेवाओं की आवाजाही भी बाधित है।
2 अक्टूबर की सरकारी छुट्टी के बाद शनिवार‑रविवार का वीकेंड आया, जिससे शुक्रवार को अचानक सैलानियों की संख्या में छलांग लगी। हाईवे पर गाड़ियों की संख्या सड़क की क्षमता से अधिक हो गई, इसलिए प्रशासन ने विभिन्न बिंदुओं पर ट्रैफिक पुलिस को तैनात किया, पर भी जाम जल्दी नहीं खुल रहा।
दोनों प्रमुख पहाड़ी मार्गों पर यात्रियों ने प्रशासन से सवाल किया कि यात्रा सीजन और छुट्टियों की जानकारी के बावजूद पर्याप्त ट्रैफिक इंतजाम क्यों नहीं किए गए। जोशीमठ में सड़क चौड़ीकरण अधूरा है, जबकि शिमला हाईवे पर क्षमता से अधिक गाड़ियां दबाव बना रही हैं।
वर्तमान में लॉन्ग वीकेंड की छुट्टियां पहाड़ों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रैफिक जाम में बदल गई हैं। जोशीमठ‑विष्णुप्रयाग की लंबी कतार या कालका‑शिमला हाईवे पर कई किलोमीटर की गाड़ियां, दोनों जगह यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों को केवल ट्रैफिक के सामान्य होने का इंतजार है।
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