शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा के दर्शन, पूजा और चांदनी में खीर रखने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहले अपने शहर में चंद्रोदय का समय जान लें।
इस वर्ष शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा की रोशनी का विशेष महत्व होता है। कई घरों में मां लक्ष्मी की पूजा, चंद्र देव को अर्घ्य और खीर बनाकर चांदनी में रखने की परंपरा निभाई जाती है।
हालांकि, देश के अलग‑अलग शहरों में चंद्रमा निकलने का समय अलग हो सकता है। आइए जानते हैं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और अन्य प्रमुख शहरों में आज कितने बजे चंद्रोदय होगा।
25 अक्टूबर को प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का अनुमानित समय इस प्रकार है।
उत्तर भारत में चंद्रोदय का समय:
• दिल्ली: शाम 5:00 बजे
• नोएडा: शाम 5:00 बजे
• लखनऊ: शाम 4:47 बजे
• कानपुर: शाम 4:50 बजे
• प्रयागराज: शाम 4:45 बजे
• वाराणसी: शाम 4:40 बजे
• देहरादून: शाम 4:55 बजे
• हरिद्वार: शाम 4:55 बजे
• जयपुर: शाम 5:08 बजे
• चंडीगढ़: शाम 4:59 बजे
• अमृतसर: शाम 5:06 बजे
• जम्मू: शाम 5:05 बजे
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में चंद्रोदय का समय:
• पटना: शाम 4:31 बजे
• गया: शाम 4:33 बजे
• रांची: शाम 4:33 बजे
• जमशेदपुर: शाम 4:30 बजे
• कोलकाता: शाम 4:21 बजे
• सिलीगुड़ी: शाम 4:16 बजे
• गुवाहाटी: शाम 4:03 बजे
मध्य और पश्चिम भारत में चंद्रोदय का समय:
• भोपाल: शाम 5:05 बजे
• इंदौर: शाम 5:12 बजे
• जबलपुर: शाम 4:55 बजे
• मुंबई: शाम 5:28 बजे
• पुणे: शाम 5:25 बजे
• नागपुर: शाम 5:01 बजे
• अहमदाबाद: शाम 5:25 बजे
• वडोदरा: शाम 5:24 बजे
• राजकोट: शाम 5:34 बजे
• रायपुर: शाम 4:50 बजे
दक्षिण भारत में चंद्रोदय का समय:
• चेन्नई: शाम 5:04 बजे
• बेंगलुरु: शाम 5:15 बजे
• हैदराबाद: शाम 5:07 बजे
• पणजी: शाम 5:28 बजे
• कन्याकुमारी: शाम 5:20 बजे
पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा 25 अक्टूबर को सुबह 11:55 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9:41 बजे समाप्त होगी। शरद पूर्णिमा की पूजा और चांदनी में खीर रखने की परंपरा के लिए 25 अक्टूबर की रात महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है, अतः चंद्र देव की पूजा और मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
शरद पूर्णिमा पर कई परिवार रात में खीर बनाकर खुले स्थान पर चंद्रमा की रोशनी में रखते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चांदनी में रखी खीर को अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है।
कोजागरी लक्ष्मी पूजा के लिए दिल्ली में 25 अक्टूबर की रात 11:40 बजे से 26 अक्टूबर की रात 12:31 बजे तक का निशिता मुहूर्त बताया गया है। यह पूजा का मुहूर्त है, खीर रखने का अनिवार्य समय नहीं। खीर रखने की परंपरा निभाने वाले लोग अपने स्थानीय पंचांग और पारिवारिक मान्यताओं के अनुसार समय तय कर सकते हैं।
शरद पूर्णिमा की शाम स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, चंद्रोदय के बाद चंद्रमा के दर्शन करें, अपनी परंपरा के अनुसार जल अर्पित करें। इसके बाद चंद्र देव और मां लक्ष्मी की पूजा करें। खीर का भोग लगाकर परिवार के सदस्यों में प्रसाद बाँट सकते हैं।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!