बिहार की राजनीति में इन दिनों दिल्ली के एक होटल में कथित तौर पर बिहार के एक मंत्री की पिटाई की घटना की खूब चर्चा हो रही है। पहले खबर आई कि बिहार सरकार के एक मंत्री ने दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार किया। इसपर उस लड़की ने मंत्री की चप्पलों से पिटाई कर दी। इसके बाद बिहार की राजनीति में कयासों का दौर चल पड़ा। आरोपों को लालू यादव के बड़े बेटे और महुआ से अपनी पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने वाले तेज प्रताप यादव ने हवा दे दी। उन्होंने सीधे-सीधे बिहार सरकार में पीएचईडी मंत्री संजय सिंह पर संगीन आरोप लगा दिए।
पटना में एक लोकल पोर्टल लाइव सिटीज ने जब मंत्री संजय सिंह से इस पूरी घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने इसे विपक्षी दलों की साजिश करार दिया। साथ ही यह भी चुनौती दी कि अगर किसी ने इस कथित कांड में मेरा नाम साबित कर दिया तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। संजय सिंह ने कहा कि अगर किसी के पास इस घटना की फोटो या वीडियो हैं तो सामने लाए।
संजय सिंह ने इस कांड से जुड़े एक सवाल से जवाब में कहा, 'मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। यह मंत्री परिषद को बदनाम करने की साजिश हो रही है। हमें बिहार के बाहर से लोग फोन करके पूछ रहे हैं कि आखिर बिहार में क्या चल रहा है। अगर किसी के पास इससे संबंधित कोई भी फोटो या वीडियो साक्ष्य हैं तो वे इसे चलाएं, वरना मैं अपने साथी मंत्रियों के साथ मिलकर मुख्यमंत्री से मिलूंगा और ऐसे चैनलों पर कार्रवाई करने का आग्रह करूंगा।'
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'अगर कोई माई का लाल मेरा नाम इस कांड में साबित कर दे तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा। वह यहीं नहीं रुके, उन्होंने तो यहां तक कहा कि मंत्री परिषद में ही कोई ऐसा मंत्री नहीं है जो इस तरह की हरकत करे।'
उन्होंने कहा कि एक विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता यह झूठ फैला रहे हैं। उन सभी पर एफआईआर होगी ऐर वे गिरफ्तार होंगे।
तेज प्रताप यादव ने इस कांड को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'महुआ से विधायक एवं मंत्री संजय सिंह को लेकर दिल्ली के एक होटल में एक युवती के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और उसके शोषण का प्रयास किए जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि होटल कर्मियों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया। इसके बाद मामले को लगभग 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन के माध्यम से रफा-दफा किए जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। संजय सिंह के राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि लगाए जा रहे ये आरोप सत्य हैं, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जनता को सच्चाई जानने का अधिकार है। आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई हो।'
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