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बिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण जिलों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तैयारियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अपने दौरे की शुरुआत उन्होंने हाजीपुर से की, जहां पुराने टोल प्लाजा के पास संचालित राहत शिविर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक किचन से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र तक की व्यवस्थाओं को देखा और बाढ़ प्रभावित परिवारों से भी जानकारी ली।
राहत शिविर में सामुदायिक किचन और आंगनबाड़ी का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राहत शिविर पहुंचकर वहां बाढ़ पीड़ितों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक किचन में तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की पड़ताल की और अधिकारियों से राहत शिविर में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने शिविर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत की।
डूबने से जान गंवाने वाले छह लोगों के आश्रितों को मुआवजा
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ के दौरान पानी में डूबने से जान गंवाने वाले करीब आधा दर्जन मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये के अनुग्रह मुआवजे के चेक वितरित किए। इसके अलावा अन्य बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच आवश्यक राहत सामग्री का भी वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहने देने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए।
‘प्राकृतिक आपदा में थोड़ी असुविधा होना स्वाभाविक’
राहत शिविर के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय थोड़ी असुविधा होना स्वाभाविक है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर राहत की जानकारी देते हुए बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि गंगा का पानी करीब 17 से 18 सेंटीमीटर नीचे उतरा है।
‘अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ पीड़ितों को मिलेगी बड़ी राहत’
सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रशासन के तमाम अधिकारी मैदानी स्तर पर पूरी मुस्तैदी के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो-तीन दिनों के भीतर बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत मिल जाएगी और धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य होने लगेगा। उन्होंने प्रशासन को प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी समेत अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के दौरान बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा वैशाली जिले के कई स्थानीय विधायक, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिले के अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा और राहत व्यवस्था की निगरानी की। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
वैशाली और सारण में राहत कार्यों पर सरकार की नजर
मुख्यमंत्री के वैशाली और सारण दौरे का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना रहा। राहत शिविरों में भोजन, बच्चों के लिए आंगनबाड़ी की व्यवस्था, राहत सामग्री के वितरण और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। गंगा के जलस्तर में गिरावट के बीच प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति में सुधार होगा और प्रभावित इलाकों में जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौटेगा।
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