सेना में कई सालों तक खुफिया ऑपरेशन्स संभालने वाले कर्नल हनी बख्शी ने अब बड़े पर्दे पर एक अलग पहचान बना ली है – उन्होंने फिल्म ‘हनुमान अंश’ में वृद्ध नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है।
विसाल चतुर्वेदी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 7 अगस्त 2026 को रिलीज़ हुई और लगभग 1.8‑2 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद बॉक्स‑ऑफ़िस पर चमत्कारिक सफलता हासिल की। सातवें हफ्ते तक भी यह सिनेमाघरों में बनी रही और सितंबर के अंत तक विश्वव्यापी कमाई 371 करोड़ रुपये से अधिक हो गई।
फिल्म में युवा नीम करोली बाबा का किरदार शोभिनव सत्य ने निभाया, जबकि कर्नल हनी बख्शी ने वृद्ध महाराज जी की भूमिका को छोटा लेकिन प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
बख्शी का असली सफ़र कमाल का है। दिसंबर 1988 में उन्होंने इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून से इंटेलिजेंस कॉर्प्स में कमीशन प्राप्त किया। अपने करियर में उन्होंने जम्मू‑कश्मीर, नॉर्थ‑ईस्ट, नागा सिज़फायर और आईईडी नेटवर्क पर कई संवेदनशील ऑपरेशन्स किए, तथा तीन आईईडी हमलों से बचने के बाद विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित हुए।
2007‑2010 के दौरान कोलकाता में एक मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट की कमान संभालने के बाद, 26/11 के बाद सेना ने एक गुप्त टेक्निकल सपोर्ट डिवीजन (TSD) बनाया। तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने बख्शी को इस यूनिट की स्थापना और कमान का कार्य सौंपा। TSD का फोकस तकनीकी सर्विलांस, खुफिया नेटवर्क और ऐसी ऑपरेशन्स पर था, जिनका सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया जाता। यह यूनिट 2012 में बंद हो गई, जिसके बाद बख्शी पर अनधिकृत इंटरसेप्शन और गोपनीय दस्तावेज़ों के दुरुपयोग के आरोप लगे, लेकिन 2018 में प्रक्रिया संबंधी आपत्तियों के कारण कोर्ट‑मार्शल की कार्यवाही रद्द कर दी गई। 5 नवंबर 2019 को उन्होंने प्री‑मैच्योर रिटायरमेंट ली।
सेना से रिटायर होने के बाद बख्शी देहरादून में बसे और स्क्रिप्ट लिखना शुरू किया। एक वेब‑सीरीज़ की स्क्रिप्ट लेकर उन्होंने निर्देशक विशाल चतुर्वेदी से मुलाकात की। बख्शी की उपस्थिति ने चतुर्वेदी को उनके भीतर नीम करोली बाबा की झलक दिखा दी, और उन्होंने बख्शी को ‘हनुमान अंश’ में यह भूमिका ऑफ़र की। बख्शी ने फिल्म के रिलीज़ तक शाकाहारी भोजन और शराब से दूर रहने की शर्त रखी।
‘हनुमान अंश’ की कहानी डॉक्टर राम नंदन भोसले (चंदन आनंद) और महाराज जी (हनी बख्शी) की मुलाकात से शुरू होती है, फिर फ्लैशबैक में नीम करोली बाबा की जीवन यात्रा दिखती है। बख्शी का स्क्रीन टाइम छोटा है, लेकिन उनका किरदार फिल्म के मुख्य थ्रेड को जोड़ता है, जिससे दर्शकों को एक आध्यात्मिक संत का सुकूनभरा चित्र मिलता है।
फिल्म ने शुरुआती शोर के बाद धीरे‑धीरे वर्ड‑ऑफ़‑माउथ की मदद से बॉक्स‑ऑफ़िस पर जबरदस्त गति पकड़ी। बख्शी ने इसे ‘चमत्कार’ कहा; 47वें दिन तक वैश्विक कमाई 366 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। इस सफलता पर सेना के वर्तमान और रिटायर्ड अधिकारी भी बधाई संदेश भेज रहे हैं।
रिटायरमेंट के बाद भी बख्शी राष्ट्रीय सुरक्षा, कश्मीर ऑपरेशन्स, TSD, अग्निवीर, खालिस्तान, मणिपुर संघर्ष और घरेलू कट्टरपंथ जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करते रहे हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने ANI नेशनल सिक्योरिटी समिट में ‘द एनिमी विदिन’ विषय पर विचार रखे और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर सक्रिय हैं।
एक ओर गुप्त मिलिट्री यूनिट की कमान, दूसरी ओर फिल्म में संत का किरदार – हनी बख्शी की ‘हनुमान अंश’ में एंट्री उनके जीवन का सबसे अनोखा अध्याय बन गई है।
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