यूपी के शामली में ताबड़तोड़ फायरिंग कर मौत के घाट उतारे गए हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद गोगी गैंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली थी। अब सिंगर भूपेंद्र ढींगरा के एकाउंट से इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर अंकित की हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। करीब आठ सेकेंड के इस वीडियो को सिंगर भूपेंद्र ढींगरा नाम से इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया। वीडियो में वह अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पुलिस भी इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर एक के एक वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब भूपेंद्र ढींगरा के इंस्टाग्राम पर आठ सेकंड के वीडियो ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। वायरल वीडियो में दिख रहा युवक कह रहा है कि अंकित बालियान को मारने की वजह यह थी कि उसने मेरे भाई को गाली दी थी, दिनदहाड़े मारा मैंने उसे, कोई रोक नहीं पाया।
हालांकि इस वायरल वीडियों की सत्यता की पुष्टि पुलिस नहीं कर रही है। एसपी का कहना है कि सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। इस संबंध में जो भी पोस्ट वायरल हो रही हैं उसे जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस अभी जांच कर रही है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल दावे को ही लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर इसकी जिम्मेदारी लेने का कथित दावे से गोगी गैंग फिर से सुर्खियों में आ गया है। गोगी गैंग हरियाणा का मुख्य गैंग रहा है। हरियाणा से दिल्ली एनसीआर तक इस गैंग की दशहत है। पुलिस रिकार्ड में गोगी गैंग के लॉरेंस विश्नोई से गठजोड़ रहा है। काला जठेडी सिंडिकेट भी इनसे जुड़ा है। गोगी एवं बिश्नोई गैंग का हत्या को अंजाम देने का तरीका भी अंधाधुंध फायरिंग कर दशहत पैदा करना है।
पुलिस सूत्रों के मुताबकि गोगी और सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया के बीच वर्षों पुरानी खूनी रंजिश थी। यही दुश्मनी दिल्ली के गैंगवार की धुरी बन गई। 2017 के आसपास गोगी ने लॉरेंस बिश्नोई, काला जठेड़ी और गोल्डी बराड़ से गठजोड़ बनाया। लॉरेंस-काला जठेड़ी गुट दिल्ली में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता था और गोगी के स्थानीय नेटवर्क ने इस गठजोड़ को दिल्ली-एनसीआर में मजबूत आधार दिया।
दूसरी ओर टिल्लू के साथ नीरज बवाना, बंबीहा और अन्य विरोधी गुटों के जुड़ने से गैंगवार दो बड़े खेमों में बंटती चली गई। बताया जा रहा है कि गोगी को लॉरेंस के दिल्ली विस्तार के अहम सहयोगियों में गिना गया। दोनों गैंग पहले अलग-अलग नेटवर्क के रूप में सक्रिय थे, लेकिन साझा विरोधियों और क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाने की जरूरत ने उन्हें एक-दूसरे के करीब ला दिया।
24 सितंबर 2021 को रोहिणी कचहरी में गोगी की हत्या के बाद उसके गैंग को बड़ा झटका लगा, लेकिन गैंग का नेटवर्क खत्म नहीं हुआ। बाद के वर्षों में पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में गोगी गैंग के लॉरेंस सिंडिकेट से जुड़े गठजोड़ के जारी रहने का उल्लेख मिलता रहा। 2023 में प्रकाशित रिपोर्टों में गोगी की मौत के बाद भी उसके संगठन के लॉरेंस नेटवर्क से संबंध बने रहने की बात कही गई, जबकि 2026 में भी गोगी-टिल्लू गैंगवार के नाम पर गोलीबारी और बदले की घटनाओं से पुरानी रंजिश के खत्म न होने की बात सामने आई।
वहीं, गुरुवार को अंकित बालियान का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव बंतीखेड़ा लाया गया। पूरे गांव में शोक व्याप्त हो गया और परिजनों में कोहराम मच गया। सुबह से ही अंकित के आवास पर लोगों की भीड़ जमा थी। हर किसी की आंखें नम थी तो हत्यारों के प्रति गुस्सा था। बंतीखेड़ा में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात थे। गम और आक्रोश के बीच अंकित बालियान को अंतिम विदाई दी गई।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गांव बनतीखेड़ा में थाना बाबरी, थानाभवन, कोतवाली शामली और आदर्श मंडी शामली थाने की पुलिस के अलावा एडिशनल एसपी शामली सुमित शुक्ला व पीएसी बल को भी तैनात किया गया। पुलिसकर्मी अंतिम संस्कार स्थल और आसपास के क्षेत्रों में मुस्तैद रहे। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी।
बुधवार देर शाम शामली में आर्यपुरी में जिम से निकलते हुए अंकित बालियान की हत्या के बाद गुस्साए परिजन एवं ग्रामीण देर रात तक शामली में एमएसके रोड वर्मा मार्केट के बाहर जाम लगाए रहे। ग्रामीणों ने शव नहीं उठने दिया। एडीजी भानू भास्कर एवं डीआईजी अभिषेक सिंह भी रात में शामली पहुंच गए। घंटों की जद्दाजेहद के बाद परिजनों की सहमित के बाद भीड़ का गुस्सा शांत हुआ।
इसके बाद रात करीब 12 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। सुबह करीब साढ़े सात बजे अंकित का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव बंतीखेड़ा लाया गया। ग्रामीणों की भीड़ अंकित के आवास पर एकत्रित थी। आसपास गांव के लोग भी पहुंच गए। सभी की आंखें नम थी। लोगों में हत्यारों के प्रति गुस्सा भी था। सभी हत्यारोपियों को अंजाम तक पहुंचाने की बात कह रहे थे।
जनपद प्रभारी और योगी सरकार में मंत्री दिनेश खटीक ने भी गांव में पहुंचकर अंकित बालियान को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को सांत्वना दी। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए जे जाया गया। अंकित के बड़े भाई राजीव कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान मौजूद स्वजन और ग्रामीण भावुक हो उठे। अंकित की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अंकित के माता पिता ने भी आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अंकित बालियान का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव बंतीखेड़ा में लाए जाने के बाद जोरदार बरसात शुरू हो गई। हालांकि अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी थीं, बरसात के बीच ही अंतिम यात्रा शुरू हुई। ग्रामीण व क्षेत्र से आए सभी लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
अंकित बालियान की दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों की शादी हो चुकी है और रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने आने वाली थीं। बड़ी बहन रेनू और छोटी बहन का नाम रिशू है। अंकित के बड़े भाई राजीव के गले लगकर दोनों बहनें फूट-फूटकर रोती रहीं। बिलखते हुए कहतीं रहीं, हम राखी बांधने आने वाली थीं, अब किसके हाथ पर राखी बांधेंगे... हत्यारों ने हमारा भाई छीन लिया। कभी अंकित को याद कर वह बेसुध हो जातीं, बड़े भाई राजीव से लिपटकर अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं।
अंकित के पिता सतबीर फौजी बेटे की हत्या से टूट चुके हैं। उन्होंने कहा, जहां मेरा बेटा गया है, चारों हत्यारों को भी वहीं होना चाहिए। मेरे बेटे को गोलियों से छलनी कर दिया, अब हत्यारों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। सतबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्हें उम्मीद है कि बदमाशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे बदमाशों का खात्मा होना चाहिए, ताकि किसी दूसरे परिवार को अपना जवान बेटा न खोना पड़े। उन्होंने पुलिस से हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। बेटे की याद आते ही सतबीर की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा कि परिवार को अब सिर्फ इंसाफ चाहिए।
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