बिहार की राजधानी पटना के लोगों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से मु्क्ति मिलने वाली है। पटना शहर को जाम से मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुगम करने के लिए शनिवार को एक अहम बैठक हुई। इसमें परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के अलावा विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि पटना में ट्रैफिक को सुव्यवस्थित करने के लिए एक तकनीकी कंट्रोल सिस्टम लागू किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल कर यातायात को मैनेज किया जाएगा। इमरजेंसी के समय ग्रीन कॉरिडोर के जरिए 10 मिनट में एंबुलेंस को अस्पताल तक पहुंचाया जाएगा।
विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आंकड़ों के आधार पर पटना शहर की भौगोलिक संरचना, बढ़ती आबादी, वाहनों का दबाव, अतिक्रमण, ट्रैफिक नियम, ट्रैफिक मैनेजमेंट की प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई। शहर के प्रमुख इलाकों जैसे डाक बंगला, पटना रेलवे स्टेशन रोड, जीपीओ गोलंबर, एग्जीबिशन रोड, बोरिंग रोड, गांधी मैदान, पीएमसीएच, अशोक राजपथ, सगुना मोड़, अनीसाबाद और बेली रोड पर आए दिन लगने वाले जाम पर गहन मंथन हुआ। इसके अलावा, सड़क हादसों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक में एआई, डेटा एनालिटिक्स और एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रैफिक की समस्याओं के स्थायी समाधान लागू करने पर जोर दिया गया। इसमें पटना के एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के मौजूदा बुनियादी ढांचे का अधिकतम फायदा उठाते हुए एक इंटेलिजेंस लेयर लागू करने का प्रस्ताव रखा गया।
साथ ही चर्चा हुई कि एआई-संचालित मॉडल के माध्यम से 30-40 मिनट पहले ही संभावित ट्रैफिक जाम का पूर्वानुमान लगाकर सिग्नल और डायवर्जन को स्वचालित रूप से लागू किया जाए। इसके अलावा, ई-रिक्शा और ऑटो के लिए जियोफेंसिंग, वर्चुअल स्टैंड और शेड्यूलिंग हो। स्टेशन, प्रमुख जगहों और बाजारों में अनियंत्रित ठहराव को नियंत्रित किया जाए। मेट्रो स्टेशनों के आसपास होने वाली भीड़ और ड्रॉप-ऑफ को सुचारू रूप से मैनेज किया जाए। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए तैनात जवानों का अटेंडेंस मॉनीटरिंग सिस्टम लागू हो।
पटना में ऐसा सिस्टम लागू किया जाएगा, जो सड़क हादसे की एआई से ऑटोमैटिक पहचान कर लेगा। फिर निकटतम एंबुलेंस को अलर्ट भेज दिया जाएगा। घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए तुरंत ग्रीन कॉरिडोर सुझाय जाएगा, ताकि मरीज को अधिकतम 10 मिनट में अस्पताल पहुंचा दिया जाए।
इसके अलावा, सड़क किनारे पर अनाधिकृत पार्किंग पर रोक लगाने और अनधिकृत पार्किंग को चिह्नित कर रोड की प्रभावी चौड़ाई सुनिश्चित की जाएगी। बारिश और जलजमाव के दौरान प्रभावित मार्गों की एडवांस में सूचना देकर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की तरफ मोड़ दिया जाएगा। ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित ना हो।
बैठक में सीआरआरआई के पूर्व निदेशक और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व प्रो. पीके सिकदर और आर्केडिस आईबीआई ग्रुप के इंडिया ऑपरेशंस के कंट्री हेड वेंकटा चुंदुरू मौजूद रहे। पटना शहर के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और समाधानों पर प्रो. पीके सिकदर और श्री वेंकटा चुंदुरू ने के आर्केडिस से तैयार तकनीकी ड्राफ्ट का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान बीएसआरडीसीएल के प्रबंध निदेशक, पटना नगर आयुक्त, ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, जिला प्रशासन, यातायात पुलिस एवं वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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