मध्य प्रदेश की सीमा से लगे चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी की बाढ़ कहर बरपा रही है। बाढ़ से उत्तर प्रदेश के कुछ और मध्य प्रदेश क्षेत्र के कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए धर्मनगरी चित्रकूट में राहत और बचाव अभियान आधी रात तक चलता रहा। यूपी और मध्य प्रदेश प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीएसी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। मध्य प्रदेश प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 10 राहत शिविर संचालित किए हैं। रविवार सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट में सीमा से लगे मध्य प्रदेश क्षेत्र में प्रलयकारी बाढ़ का जायजा लिया। उन्होंने राहत और बचाव के कामों का निरीक्षण किया।
शनिवार को लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे यूपी और एमपी क्षेत्र के कई इलाके जलमग्न हो गए। यूपी क्षेत्र में बचाव कार्य में लगी 10 टीमों ने करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाला, जबकि एमपी क्षेत्र में प्रशासन और एसडीआरएफ ने करीब 800 लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया। वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से भी 50 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
बाढ़ से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश क्षेत्र में हुआ है। नयागांव पुल बह गया है, जबकि रजौला बाईपास का पुल क्षतिग्रस्त हो गया। नयागांव, मोहकमगढ़ और लोहसरियन समेत कई इलाकों में दो-तीन मंजिला मकान तक पानी में डूब गए, जिससे लोगों की गृहस्थी बर्बाद हो गई। इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को बाढ़ प्रभावित चित्रकूट पहुंचे।
हेलीकॉप्टर से उद्यमिता परिसर में उतरने के बाद उन्होंने अधिकारियों से हालात की जानकारी ली और फिर सीधे रामघाट और प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है मध्य प्रदेश् के मुख्यमंत्री राहत शिविरों में ठहरे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत कार्यों की समीक्षा भी करेंगे।
वहीं शनिवार को झांसी में पारीछा, सुकुवां-ढुकुवां बांध उफना गया। पारीछा, सुकुवां-ढुकुवां, लहचूरा, बड़वार बांध फुल होने से गेट खोलकर लगातार पानी की निकासी की गई। लहचूरा से 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि पारीछा बांध से 51 हजार क्यूसेक पानी की निकासी जा रही है। वही देर शाम बांधों से पानी की क्षमता बढ़ाई गई है।
शनिवार को बेतवा पर बने सुकुवा-ढकुवां बांध 100 प्रतिशत भरा रहा। इससे 32 हजार 747 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। वहीं बेतवा नदी पर बने पारीछा बांधा से भी लबालब है। बारिश के बाद तीसरे दिन भी यह फुल रहा। शनिवार को इसका जलस्तर 192.94 मीटर रहा। इससे गेट खोलकर 51,000 क्यूसेक पानी की निकासी जा रही है। पहुंज नदी पर बने पहुंज बांध का जलस्तर 233.72 पहुंच गया है। इसमें 87.40 प्रतिशत पानी होने से 360 क्सूसेक पानी की निकासी जा रही है।
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