BCG की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया (EV) की खरीदारी में उल्लेखनीय बदलाव आया है। 2024 में इलेक्ट्रिक टू‑व्हीलर की हिस्सेदारी 30% थी, जो 2026 में 43% तक बढ़ गई।
इसका मतलब है कि हर दो में से एक ग्राहक अब EV को विकल्प के रूप में देख रहा है। साथ ही, इलेक्ट्रिक वाहन को पूरी तरह से अस्वीकार करने वाले ग्राहकों का प्रतिशत 2024 में 38% था, जो 2026 में 29% तक गिर गया।
बिक्री आंकड़े भी इस प्रवृत्ति को समर्थन देते हैं। अप्रैल‑अगस्त 2026 में कुल दोपहिया बिक्री में EV का हिस्सा 9.9% रहा, जबकि वित्तीय वर्ष 2024 में यह 5.5% था। स्कूटर सेगमेंट में EV की हिस्सेदारी FY‑2024 में 16.8% से बढ़कर FY‑2027 में 24.1% हो गई।
BCG ने बताया कि FY‑2022‑2026 के दौरान दोपहिया बाजार की वार्षिक औसत वृद्धि लगभग 12% रही, जबकि स्कूटर बाजार 19% की दर से बढ़ा। इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री पेट्रोल स्कूटर से तीन गुना तेज़ी से बढ़ी।
फाइनेंशियल ईयर 2027 (अगस्त 2026 तक) में लगभग 1.8 लाख नए ग्राहक हर महीने EV दोपहिया खरीदे। यह दर्शाता है कि शुरुआती उत्साही वर्ग से परे सामान्य उपयोगकर्ता भी EV को अपनाने लगे हैं।
डिज़ाइन, स्पीड और पिक‑अप के मामले में ग्राहक राय में बड़ा बदलाव आया है। 2024 में केवल 30% उपभोक्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर के डिज़ाइन को बेहतर मानते थे, जो 2026 में 59% तक बढ़ गया। पिक‑अप को “अच्छा” मानने वाले ग्राहकों का प्रतिशत 27% से 48% तक बढ़ा।
फिर भी बैटरी रेंज, सुरक्षा, सर्विस नेटवर्क और दीर्घकालिक लागत को लेकर कई खरीदारों में संदेह बना हुआ है। BCG ने ग्राहकों को तीन समूहों में बाँटा: EV में रुचि रखने वाले, अनिश्चित, और नापसंद करने वाले। इच्छुक समूह दो साल में 1.5 गुना बढ़ा, जबकि नापसंद करने वाले अभी भी लगभग 20% हैं।
वास्तविक उपयोग अनुभव कई मामलों में उम्मीदों के बराबर या बेहतर रहा है—कम चलाने का खर्च, रख‑रखाव, कम्फर्ट, ट्रैफ़िक में फुर्ती और डिजिटल फीचर्स ने भरोसा बढ़ाया है।
रिपोर्ट ने 10 अलग‑अलग ग्राहक प्रोफ़ाइल की पहचान की, जिसमें फूड डिलीवरी राइडर्स, ऑफिस‑जॉबर, और Gen‑Z जैसे समूह शामिल हैं। इन समूहों की रेंज, टिकाऊपन और लागत संबंधी जरूरतें अलग‑अलग हैं।
Gen‑Z विशेष रूप से स्टाइल, मजबूती और लंबी दूरी की क्षमता वाले EV की ओर झुक रहा है। बाजार में 2023 की तुलना में EV मॉडल की संख्या लगभग 30% बढ़ी, जबकि मोटरसाइकिल मॉडल दोगुने हो गए। फिर भी पाँच प्रमुख ब्रांड 83% बाजार हिस्सेदारी बनाए हुए हैं।
BCG कंपनियों को सलाह देता है कि वे एक ही मॉडल पर टिके न रहें; विभिन्न ग्राहक वर्गों के लिए विविध पोर्टफ़ोलियो, बेहतर डिज़ाइन और सेवा‑विश्वास को प्राथमिकता दें। साथ ही बैटरी कैपेसिटी, चार्जिंग इन्फ्रा और थर्मल मैनेजमेंट पर ध्यान देना आवश्यक है।
कुल मिलाकर, भारत में इलेक्ट्रिक टू‑व्हीलर बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए उत्पाद‑गुणवत्ता और इन्फ्रास्ट्रक्चर दोनों को मजबूत करना होगा।
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