Raibareilly News: यूपी के रायबरेली में थाने पर पूछताछ के लिए लाए गए दो शातिरों के फरार होने के मामले में एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया और एक दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया। एसपी की कार्रवाई के साथ ही मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए। वहीं फरार हुए शातिरों की तलाश में पुलिस की टीमें तलाश कर रही है।
मंगलवार को थाने की पुलिस टीम दो शातिरों को किसी गंभीर मामलों की पूछताछ के लिए पकड़कर थाने लेकर आई थी। सूत्रों के अनुसार इसमें से बाराबंकी के रहने वाले एक शातिर के खिलाफ कई गंभीर अपराधिक मामले दर्ज होने का पता चला हैं। वहीं दूसरा शातिर महराजगंज कोतवाली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है लेकिन मंगलवार रात में एसओजी टीम ने काफी देर तक शातिर से पूछताछ जरूर की। इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद थी। इसलिए उनका दाखिला थाने में नहीं किया गया था। बुधवार भोर में दोनों शातिर साथ पुलिस को चकमा देकर थाने से रफूचक्कर हो गए। शातिरों को थाना परिसर से भागता देख पुलिस हरकत में आई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शातिरों की खोज में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। हैरान करने वाला मामला देखते-देखते सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सुर्खियों मे आ गया।
मामला पुलिस अधीक्षक रवि कुमार तक पहुंचा तो उन्होंने इस मामले में जांच के आदेश दिए। इस पर लालगंज सर्किल क्षेत्र के सीओ अमित सिंह प्रकरण की जांच करने में जुट गए। मामले की जांच के लिए थाने पहुंचे सीओ अमित सिंह ने बीते बुधवार को थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। इसमें रात ड्यूटी पर रहे पुलिस कर्मियों के अलग-अलग बयान दर्ज किए। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच की। बीते गुरूवार को सीओ ने पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी। जांच में लापरवाही और दोषी पाए जाने पर एसपी रवि कुमार ने गुरुवार देर रात थाना प्रभारी हरिकेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही दरोगा लल्लन प्रसाद और पहरे पर तैनात सिपाही प्रवीण यादव को निलंबित कर दिया।
हरचंदपुर थाने से फरार हुए दो शातिरों के मामले में एसओजी प्रभारी की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है। मामले की जांच कर रहे लालगंज सर्किल क्षेत्र के सीओ अमित सिंह की ओर से एसपी को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है। सूत्रों की माने तो मंगलवार की रात में एसओजी प्रभारी पकड़े गए शातिरों से पूछताछ करने आए थे। इसके बाद ही वह थाने से पुलिस को चकमा देकर भागे। अब सवाल उठता है कि एसओजी टीम के द्वारा क्या पूछताछ की गई थी और कौन-कौन से घटना में संलिप्त होना पाया गया था। हालांकि इस मामले की अभी चल रही जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
दोनों शातिरों को पकड़ने के लिए अलग-अलग पुलिस की दो टीमें लगाई गई है। पुलिस टीमें अलग-अलग जनपदों में खाक छान रही है। सर्विलांस की मदद से लापता शातिरों को पकड़ने के लिए तलाश में कर रही है। एसपी रवि कुमार का कहना है कि सीओ की जांच में दोषी पाए गए थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया। दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया गया, आगे की जांच की जा रही है।
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