क्या अब एआई दुनिया की सबसे कठिन गणितीय समस्याओं को भी हल कर सकता है? मेटा के लेटेस्ट एआई मॉडल म्यूज स्पार्क ने छह बड़ी रिसर्च समस्याओं को सुलझाने में गणितज्ञों की मदद की है। इसके अलावा, मेटा ने ओपन-सोर्स म्यूज गैजेट्स और म्यूज होम लिंक हार्डवेयर भी पेश किया है। आइए जानते हैं मेटा की ओर से किए गए इन खुलासों के बारे में...
मेटा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि उसके सबसे नए और स्मार्ट एआई मॉडल म्यूज स्पार्क ने गणितज्ञों को छह बड़ी रिसर्च प्रॉब्लम्स हल करने में मदद की है। इनमें से पांच तो ऐसे ओपन क्वेश्चन्स (खुले सवाल) थे, जो प्रोबेबिलिटी, डिफरेंशियल इक्वेशन्स, ग्रुप थ्योरी, ऑप्टिमाइजेशन, अरिथमेटिक फिजिक्स और नॉन-एसोसिएटिव अलजेब्रा जैसे जटिल क्षेत्रों से जुड़े थे। इसके अलावा मेटा के एआई चीफ अलेक्जेंडर वांग ने एक अलग घोषणा में म्यूज गैजेट्स का भी खुलासा किया है। बता दें कि यह एक ओपन सोर्स प्रोजेक्ट है, जिसकी मदद से डेवलपर्स ऐसे हार्डवेयर तैयार कर सकते हैं जो म्यूज एआई इकोसिस्टम के साथ काम कर सकें। साथ ही कंपनी ने अपना नया डिवाइस म्यूज होम लिंक भी पेश किया है।
मेटा के अनुसार, म्यूज स्पार्क ने गणित की छह अलग-अलग रिसर्च समस्याओं पर काम करने में शोधकर्ताओं की मदद की। इनमें से पांच ओपन क्वेश्चन्स थे। यानी इन समस्याओं के लिए पहले से कोई तैयार जवाब या आंसर की मौजूद नहीं थी।
यह जानकारी साझा करते हुए मेटा ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया कि ओपन रिसर्च का तरीका ओलंपियाड जैसे टेस्ट से अलग होता है। इसमें यह गारंटी नहीं होती कि कोई खास तरीका काम करेगा। रिसर्च के दौरान बार-बार अलग-अलग आइडिया आजमाने, गलतियां करने, उन्हें ठीक करने और जरूरत पड़ने पर शुरुआत से दोबारा काम करने की जरूरत होती है। ये समस्याएं उन मैथ्स और फिजिक्स ओलंपियाड समस्याओं से भी अलग थीं, जिनमें म्यूज ने गोल्ड मेडल स्तर का प्रदर्शन किया था।
शोध में हाई डायमेंशन्स में रैंडम गॉसियन पॉइंट्स (Random Gaussian Points) को एलिप्सॉइड (Ellipsoid) में फिट करने के लिए एक शार्प थ्रेशहोल्ड की पहचान की गई। इस थ्रेशहोल्ड के नीचे ऐसा एलिप्सॉइड उच्च संभावना के साथ मौजूद रहता है, और ऊपर जाने पर लगभग निश्चित रूप से मौजूद नहीं रहता।
: लेजर फिजिक्स से प्रेरित एक मॉडल में वेव कोलैप्स (Wave Collapse) से जुड़े लंबे समय से अनसुलझे सवाल का जवाब खोजा गया। स्टडी में यह साबित किया गया कि दो या अधिक आयामों (डायमेंशंस) में नेगेटिव एनर्जी वाली सिमेट्रिक वेव्स एक निश्चित समय में कोलैप्स हो जाती हैं। इसने 2015 के खुले सवाल को सुलझाया और 2002 के एक सिमुलेशन की भविष्यवाणी की पुष्टि की।
: शोधकर्ताओं ने सिमेट्री को दर्शाने वाले मैथमैटिकल स्ट्रक्चर्स के एक प्रस्तावित नियम को गलत साबित कर दिया। इसके लिए उन्होंने ऑर्डर 384 (Order 384) का एक काउंटरएग्जांपल खोजा। मेटा के मुताबिक, म्यूज स्पार्क ने ही वह गैप सर्च प्रोग्राम जनरेट किया था जिसने इसे खोज निकाला।
: साथ ही रिसर्चर ने म्यूज स्पार्क की मदद से यह समझने की कोशिश की, कि किसी गणित समस्या का सरल या शॉर्टकट तरीका मूल समस्या को कब कैप्चर कर सकता है और कब नहीं।
: शोधकर्ताओं ने नंबर थ्योरी के एक आइडिया को स्ट्रिंग थ्योरी की गणना से जोड़ा। उन्होंने साबित किया कि यह लिंक 1980 के दशक के आइडियाज पर आधारित पहले से ज्ञात मामलों से भी अधिक मामलों में काम करता है। म्यूज स्पार्क ने इसके तीन मुख्य टेक्निकल सेक्शंस को ड्राफ्ट किया, जिन्हें बाद में शोधकर्ताओं ने चेक और रिफाइन किया।
: इस क्षेत्र में रिसर्च टीम ने बायोलॉजी से प्रेरित मैथमैटिकल स्ट्रक्चर्स के एक प्रस्तावित नियम का अपवाद खोजने के लिए म्यूज स्पार्क का इस्तेमाल किया।
मेटा के अनुसार, एक रिसर्च टीम ने मॉडल के साथ मिलकर रिसर्च को गाइड किया और आर्गुमेंट्स विकसित किए, जबकि दूसरी स्वतंत्र टीम ने पूरे काम की समीक्षा (रिव्यू) की। यहां पर एक बात और जानना जरूरी है कि इससे पहले ओपनएआई ने भी दावा किया था कि उसके एआई मॉडल ने Navier-Stokes मिलेनियम चैलेंज को हल कर लिया है, हालांकि उस दावे को दो शोधकर्ताओं ने चुनौती दी थी और कहा था कि कंपनी ने उनके काम का इस्तेमाल किया हो सकता है।
गणितीय रिसर्च के अलावा मेटा ने अपने म्यूज एआई इकोसिस्टम के लिए हार्डवेयर से जुड़ा नया कदम भी उठाया है। मेटा कनेक्ट में पेंडेंट जैसे डिवाइस म्यूज चार्म को दिखाने के बाद कंपनी ने म्यूज गैजेट्स नाम के एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की घोषणा की है। इसके साथ कंपनी ने म्यूज होम लिंक नाम का अपना डिवाइस भी पेश किया है।
मेटा के एआई चीफ अलेक्जेंडर वांग के अनुसार, म्यूज गैजेट्स एक ओपन-सोर्स ESP32 फर्मवेयर और Linux SDK है। इसका मकसद डेवलपर्स को ऐसे हार्डवेयर बनाने की सुविधा देना है, जो म्यूज के साथ काम कर सकें।
इस प्लेटफॉर्म के जरिए डेवलपर्स अलग-अलग तरह के डिवाइस बना सकते हैं। इनमें डेडिकेटेड E Ink डिस्प्ले, टीवी के लिए HDMI डोंगल और म्यूज चार्म जैसे छोटे टचस्क्रीन एक्सेसरी शामिल हो सकते हैं। मेटा ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक डेडिकेटेड Discord कम्युनिटी भी शुरू की है।
मेटा ने म्यूज गैजेट्स के साथ म्यूज होम लिंक भी पेश किया है। यह यूएसबी-सी से पावर होने वाल डिवाइस है, जो म्यूज को घर के नेटवर्क से कनेक्ट करने की अनुमति देता है। इसके जरिए म्यूज आपके स्मार्ट होम डिवाइसेज के साथ काम कर सकता है। इनमें टीवी और स्पीकर्स जैसे डिवाइस शामिल हैं।
मेटा के अनुसार, कंपनी ने म्यूज होम लिंक के पांच हजार डिवाइसेज का एक बैच तैयार किया है, जिसे म्यूज सब्सक्राइबर्स को दिया जा सकता है।
म्यूज को मेटा अपने पर्सनल एआई असिस्टेंट के तौर पर आगे बढ़ा रहा है। म्यूज एप ने अमेरिका में एप स्टोर्स के चार्ट्स में टॉप स्थान भी हासिल किया है। हालांकि, इसकी ग्लोबल उपलब्धता को लेकर फिलहाल स्थिति साफ नहीं है।
कुल मिलाकर, म्यूज स्पार्क का इस्तेमाल अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं दिख रहा है। मेटा के अनुसार, गणितज्ञों ने इसका इस्तेमाल ऐसी रिसर्च समस्याओं पर किया, जिनके पहले से तय जवाब नहीं थे। वहीं, म्यूज गैजेट्स के जरिए कंपनी डेवलपर्स को एआई के साथ काम करने वाला अपना हार्डवेयर तैयार करने का रास्ता भी दे रही है।
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