मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की 3.54 लाख रसोइया माताओं-बहनों को चार बड़े उपहार दिए। रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रसोइयों का मानदेय 2 हजार से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता, सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज और परिधान के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना करने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब रसोइयों के खाते भारतीय स्टेट बैंक में खोले जाएंगे और मानदेय सीधे खाते में भेजा जाएगा। किसी अप्रिय घटना या दुर्घटना की स्थिति में बैंक तत्काल दो लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराएगा। रसोइया या उनके परिवार का कोई सदस्य बीमार होने पर सरकारी अथवा इंपैनल्ड अस्पताल में इलाज करा सकेगा। इसके लिए प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। परिधान के लिए मिलने वाली राशि 500 से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है।
सीएम योगी ने कहा कि नौ साल पहले रसोइयों को केवल एक हजार रुपये मानदेय मिलता था और वह भी समय पर नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था नहीं होने के कारण दुर्घटना, दिव्यांगता या मृत्यु की स्थिति में परिवार असहाय हो जाता था। अब डबल इंजन सरकार ने रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का काम किया है। विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने सपा पर गरीबों और रसोइयों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अगले चुनाव में सपा को साफ कर देगी। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग दोपहर में उठकर काम करने की बात करते हैं, जबकि सरकार और उसके कर्मचारी 18 घंटे काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रसोइयों का काम केवल बच्चों का पेट भरना नहीं, बल्कि स्वस्थ बचपन तैयार करना भी है। बेसिक शिक्षा परिषद के करीब 1.42 लाख विद्यालयों में डेढ़ करोड़ बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने रसोइयों को निर्देश दिया कि विद्यालय की रसोई साफ-सुथरी रखें और बच्चों को तय साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन दें। उन्होंने फूड प्वॉइजनिंग को लेकर भी सतर्क रहने और भोजन में किसी तरह की लापरवाही न करने की हिदायत दी।
सीएम ने कहा कि सरकार ने परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में फर्श, शौचालय, पेयजल, किचन, डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। वर्ष के अंत तक मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का मॉडल भी सामने आएगा। उन्होने कोरोना काल और प्रयागराज महाकुंभ के दौरान रसोइयों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय प्रदेश लौटे एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था में रसोइयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाकुंभ के दौरान भी आसपास के जिलों में बनाए गए होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया गया।
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