Shahjahanpur News: शाहजहांपुर जिले में गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर के मकान पर गुरुवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। करीब दो घंटे तक मकान खाली कराने के बाद नगर पंचायत की जेसीबी से ध्वस्तीकरण शुरू कराया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की मां और घर की अन्य महिलाएं मौजूद रहीं। उन्होंने मकान का केवल समीर के हिस्से को तोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन प्रशासन ने पूरा मकान ध्वस्त करा दिया। सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल तैनात रहा।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे नगर पंचायत के दर्जनों कर्मचारी मोहल्ला गढ़ी पूर्वी स्थित समीर के मकान पर पहुंच गए। इससे पहले ही पीएसी, कई थानों की पुलिस, महिला पुलिस, एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी थीं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारियां शुरू हुईं। मकान के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई। नगर पंचायत कर्मचारियों ने समीर और उसके परिजनों का सामान बाहर निकलवाना शुरू किया। मकान में रहने वाली महिलाओं के सामने सामान को अलग-अलग ट्रालियों में भरवाया गया।
परिजनों के बताए स्थानों पर सामान पहुंचाया गया। करीब दो घंटे की प्रक्रिया के बाद मकान पूरी तरह खाली कराया गया। इसके बाद मकान की वीडियोग्राफी कराई गई और जेसीबी से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। आरोपी के घर की महिलाओं ने प्रशासन से मकान का केवल समीर का हिस्सा तोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि पूरे मकान को तोड़े जाने से परिवार के अन्य लोगों के सामने भी रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। महिलाओं ने कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी। इसके बाद पूरे मकान को ध्वस्त कराने की कार्रवाई जारी रही।
प्रशासन का कहना है कि मकान का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए किया गया था। नगर पंचायत की ओर से करीब 15 दिन पहले मकान स्वामी को स्वयं अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा किया गया था। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार को अंतिम नोटिस चस्पा कराया गया। समय सीमा पूरी होने के बाद गुरुवार को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। नगर पंचायत की टीम की ओर से कार्रवाई के दौरान आसपास के मकानों का भी ध्यान रखा गया। मकान घनी आबादी के बीच होने के कारण जेसीबी को सावधानी से चलाया गया, ताकि आसपास के भवनों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
कांट कस्बे में 31 जुलाई को कमलनयनपुर गांव निवासी गौतम मौर्य की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप दूसरे समुदाय के समीर पर लगा था। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था। पुलिस ने मामले में समीर, उसके पिता लियाकत, भाई तदीम और रिश्तेदार राजा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
हत्या के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया था। आरोपियों के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग को लेकर आक्रोशित भीड़ ने गौतम का शव स्टेट हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। कई घंटे तक चले जाम के बाद विधायक अरविंद सिंह के आश्वासन पर लोगों ने रास्ता खोला था। इसके बाद से ही आरोपी के मकान पर कार्रवाई को लेकर प्रशासन की गतिविधियां तेज हो गई थीं।
समीर के मकान में उसके पिता और चाचा के नाम से बिजली के दो कनेक्शन लगे थे। बिजली विभाग के मुताबिक दोनों कनेक्शनों पर करीब आठ लाख रुपये का बिल बकाया है। विभाग पहले ही मीटर उखाड़कर कनेक्शन काट चुका है। बकाया राशि जमा करने के लिए मकान पर नोटिस भी चस्पा किया गया था।
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