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सारण के परसा नगर पंचायत में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की विशेष टीम ने भारी पुलिस बल के साथ नगर पंचायत की मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की। करीब चार घंटे तक चली तलाशी के दौरान घर के रास्तों को सील रखा गया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम मुख्य पार्षद के बेटे और वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ पटना ले गई। हालांकि, इस कार्रवाई की स्थानीय पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चार घंटे तक घर में चली गहन तलाशी
जानकारी के अनुसार, NIA की टीम दिल्ली और पटना से परसा पहुंची थी। टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारी सादे कपड़ों में पहुंचे और घर की तलाशी शुरू की। करीब चार घंटे तक घर के अंदर जांच-पड़ताल चली। इस दौरान घर के सभी रास्तों को सील कर दिया गया था। परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। तलाशी पूरी होने के बाद NIA की टीम मुख्य पार्षद के पुत्र और वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई। हालांकि, NIA की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। स्थानीय पुलिस के कई अधिकारियों ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार किया है।
हथियार तस्करी से जुड़े मामले में कार्रवाई की चर्चा
स्थानीय लोगों और सूत्रों के मुताबिक, NIA की यह कार्रवाई अत्याधुनिक हथियारों, एके-47 के पुर्जों की बरामदगी, विदेशी फंडिंग और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े मामले में बताई जा रही है। चर्चा है कि मामला मुजफ्फरपुर में पहले बरामद किए गए हथियारों के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। NIA की ओर से भी छापेमारी और करमुल्लाह अंसारी को साथ ले जाने को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
2024 में भी इसी घर पर हुई थी लंबी छापेमारी
इससे पहले 18 दिसंबर 2024 को भी NIA की पांच सदस्यीय टीम ने इसी आवास पर कार्रवाई की थी। उस दौरान करीब 10 से 12 घंटे तक मैराथन छापेमारी चली थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी तैनात किया गया था। उस कार्रवाई के दौरान घर के दरवाजे बंद कर दस्तावेजों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की गई थी।
करमुल्लाह का नाम पहले भी सामने आने का दावा
सूत्रों के अनुसार, मुख्य पार्षद के बेटे और वार्ड पार्षद मो. करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियार तस्करी से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि वह पहले जेल भी जा चुका है। इसके अलावा सारण प्रक्षेत्र के तत्कालीन डीआईजी मनु महाराज के कार्यकाल में भी इसी परिवार के आवास पर छापेमारी की गई थी। उस समय विदेशी नागरिकों को बुलाने, अवैध हथियार रखने और विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच की गई थी। NIA की लगातार कार्रवाई के बाद परसा इलाके में हलचल तेज हो गई है। वहीं, मुख्य पार्षद के परिवार पर केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल NIA की ओर से आगे की कार्रवाई और जांच को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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