राजस्थान के 309 शहरी निकायों के चुनाव सिर्फ मेयर या चेयरमैन चुनने तक सीमित नहीं, इन्हें 2028 के विधानसभा चुनाव की फर्स्ट सेमीफाइनल और शहरी राजनीतिक माहौल का संकेतक माना जा रहा है। सीटों के हिसाब से BJP सबसे बड़ी पार्टी उभरी, जबकि कांग्रेस को झटका लगा।
शहरी निकाय चुनावों में सत्ताधारी BJP ने दबदबा बरकरार रखा। राज्य के 10,245 वार्डों में BJP ने 4,179 जीतें, कांग्रेस ने 3,613, और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 जीत हासिल की। कई शहरों में निर्दलीय किंगमेकर बनकर उभरे।
वोट शेयर की बात करें तो BJP को 36.11%, कांग्रेस को 35.14% और निर्दलीय को 27.75% मिला। 2021 के निकाय चुनाव में BJP 35.11%, कांग्रेस 40.30% और निर्दलीय 24.59% थे। तुलना में BJP को 1% की बढ़त, कांग्रेस को 5% का नुकसान हुआ।
वार्ड जीत के आँकड़े: BJP 4,179, कांग्रेस 3,613, निर्दलीय 2,273। अन्य पार्टियों में RLP ने 63, AAP ने 42, CPI(M) ने 38, BSP ने 19 और BAP ने 8 सीटें जीतीं।
10 नगर निगमों में BJP ने जयपुर, उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा में स्पष्ट बहुमत बनाया। कांग्रेस ने बीकानेर में बहुमत हासिल किया और अजमेर व पाली में सबसे बड़ी पार्टी बनी। जोधपुर, भरतपुर और अलवर में त्रिशंकु स्थिति रही।
47 नगर परिषदों में BJP ने 21 में बहुमत पाया, कांग्रेस ने 17 में जीत दर्ज की, जबकि 9 में निर्दलीय पार्षदों की संख्या अधिक रही। 252 नगर पालिकाओं में BJP ने 149 में बहुमत बनाया, कांग्रेस ने 95 में जीत हासिल की, 8 में निर्दलीय को बढ़त मिली।
कुल 309 निकायों में 145 में कोई स्पष्ट बहुमत नहीं बना। निर्दलीय को 27.47% वोट शेयर और 2,200 से अधिक वार्ड जीतने का मौका मिला। इस स्थिति से 2028 के विधानसभा चुनाव में दोनों बड़े दलों को 'बागी' और स्वतंत्र उम्मीदवारों से खतरा रहेगा, टिकट वितरण में छोटी चूक भी बड़ी कीमत चुकवा सकती है।
2023 के विधानसभा चुनावों में BJP ने वसुंधरा राजे को नजरअंदाज कर भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया था। राज्य में कई विवाद (NEET पेपर लीक, UGC नियम, CJP का स्कूल अभियान) के बावजूद BJP के वोट शेयर में गिरावट नहीं आई, जिससे पार्टी को कुछ राहत मिली।
कांग्रेस ने कुछ प्रमुख नगर निकायों में बढ़त हासिल की, लेकिन AAP और CPM का उदय चिंता का कारण है। कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि स्थानीय चुनावों में सत्ताधारी को अक्सर फायदा मिलता है, पर इस बार BJP पूरी तरह से बढ़त नहीं बना पाई।
2024 के लोकसभा चुनाव में BJP को 50% से अधिक वोट मिला, लेकिन 2026 के निकाय चुनाव में उसका शेयर 35% तक गिर गया। यह संकेत देता है कि राज्य में BJP को अलर्ट रहना पड़ेगा। कांग्रेस की जीत वसुंधरा राजे के गढ़ में और पाली नगर परिषद में BJP के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के लिए झटका है।
2028 के विधानसभा चुनावों में दो साल से अधिक समय बचा है, और इन निकाय चुनावों के परिणाम पार्टियों की रणनीति को पुनः आकार देंगे। 2023 में BJP 41% वोट शेयर के साथ 115 सीटें जीती, कांग्रेस 39.58% के साथ 70 सीटें। 2026 के निकाय चुनाव ने शहरों में BJP की बढ़त को बरकरार रखा, पर कांग्रेस की वापसी और निर्दलीयों की ताकत ने संकेत दिया है कि 2028 की लड़ाई कड़ी होगी।
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