लखनऊ के हजरतगंज में 28 साल के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अब इस केस से जुड़ा एक ताजा CCTV फुटेज सार्वजनिक हुआ है। इस वीडियो में शिवा शर्मा को सीढ़ियों से उतरते हुए दिखाया गया है, जबकि वह मॉडल श्रद्धा दुबे का हाथ मजबूती से पकड़े हुए हैं। इसके पहले श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे मोबाइल हाथ में लेकर उसी सीढ़ी से नीचे उतरती दिखती हैं। यह फुटेज मृत्युदिन से पहले की स्थिति को दर्शाता बताया जा रहा है।
शिवा की हत्या के आरोपियों में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश (उर्फ तनवीर) को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
अवध ग्रीन अपार्टमेंट के मालिक अजय राय ने बताया कि उन्होंने अपने फ्लैट की सीसीटीवी में श्रद्धा, शिवा और रश्मि को एक साथ आते‑जाते देखा। अजय राय ने श्रद्धा को "उग्र स्वभाव" वाली महिला बताया और कहा कि उनका झगड़ालू रवैया देखकर उन्होंने सीसीटीवी लगवाई थी। उन्होंने इस बात को भी कहा कि समाज में अक्सर पुरुषों को ही पीड़ित माना जाता है, जबकि महिलाओं के व्यवहार को नजरअंदाज़ किया जाता है।
शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर 2026 को अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई। वह कैफ़े और खाने‑पीने के कारोबार में सक्रिय थे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी मां, रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और उसकी बहन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने कहा कि शिवा के साथ मारपीट की गई और फिर उसे बिल्डिंग से नीचे धक्का दिया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। वहीं श्रद्धा ने वीडियो के जरिए दावा किया कि शिवा ने खुद छलांग लगाई थी।
पहले भी इस केस में CCTV फुटेज की चर्चा हुई थी, लेकिन अब सामने आया नया फुटेज यह दर्शाता है कि मृत्युदिन से पहले श्रद्धा के साथ शिवा मौजूद था।
पुलिस ने मंगलवार को नागपुर के एक अपार्टमेंट से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार कर लखनऊ लाया। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे श्रद्धा को हजरतगंज थाने ले जाया गया, जहाँ छह घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान वह कई सवालों का जवाब देने से परहेज करती रही और बार‑बार अपने वकील से बात करने की मांग करती रही। रश्मि और ड्राइवर से भी अलग‑अलग सवाल पूछे गए।
पूछताछ के बाद सभी को सिविल अस्पताल ले जाकर मेडिको‑लीगल जांच करवाई गई। अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता के अनुसार तीनों की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य थी। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जेल भेजे जाने के बाद श्रद्धा और रश्मि को गोसाईगंज स्थित जिला जेल के महिला बैरक में रखा गया, जबकि ड्राइवर दानिश को पुरुष बैरक में। क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद दोनों बहनों को सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। शुक्रवार को उनके किसी करीबी या रिश्तेदार ने मिलने नहीं आया; दोनों बहनें दिन भर शांत रहीं और अन्य कैदियों से ज्यादा बातचीत नहीं की।
जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। महिला बैरक में श्रद्दा और रश्मि की निगरानी महिला जेल अधिकारी कर रही हैं, जबकि दानिश की निगरानी पुरुष जेल अधिकारी की जिम्मेदारी है। अगली कोर्ट पेशी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने की संभावना है।
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