मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने देशव्यापी सड़क प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पार्टी का आरोप है कि आयोग में ज्ञानेश कुमार मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की आपत्तियों को अनदेखा किया जा रहा है। इस पर कांग्रेस ने विभिन्न शहरों में एक साथ विरोध मार्च निकाला और उनका इस्तीफ़ा माँगा।
गुजरात, चंडीगढ़, मणिपुर, लखनऊ, देहरादून और कोलकाता सहित कई शहरों में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर नारेबाजी कर रहे हैं। गुवाहाटी में प्रदर्शन का नेतृत्व गौरव गोगोई ने किया, जबकि लखनऊ में कार्यकर्ता भीड़ के साथ एकजुट होकर विरोध जताते रहे।
दिल्ली में यूथ कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु ने झंडे और पोस्टर लेकर मार्च का नेतृत्व किया और एक कार्यकर्ता को CEC का मास्क पहनाकर प्रस्तुत किया, जिससे कार्रवाई की माँग की गई।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर के पास रोकने के लिए सख्ती बरती और उदय भानु को हिरासत में ले लिया। कई कार्यकर्ताओं को भी हटाया गया।
पटना में कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया, जहाँ कार्यकर्ता चुनाव आयोग के दफ़्तर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने वाटर कैनन से प्रदर्शन को रोकने की कोशिश की और कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
लखनऊ में तेज बारिश के बावजूद हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। वे पार्टी के दफ़्तर से विधानसभा और राज्य चुनाव आयोग के दफ़्तर की ओर बढ़ते हुए "गणेश कुमार का इस्तीफ़ा" का नारा लगा रहे थे। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बल तैनात किया, पर कार्यकर्ता नहीं हटे।
चंडीगढ़ में हरियाणा और पंजाब की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के दफ़्तर के सामने मार्च निकाला। उन्होंने सरकार पर वोट चोरी का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पदत्याग की मांग की। कार्यकर्ता ने बताया कि यदि सरकार नहीं सुनेगी तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
जम्मू में कांग्रेस ने निर्वाचन भवन के बाहर प्रदर्शन किया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फेंका। सुरक्षा बलों के साथ धक्का-मुक्की हुई, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा।
यह विरोध राहुल गांधी के हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने CEC, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया था। राहुल ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा और सरकारी गवाह बनने की माँग की।
राहुल गांधी के बाद प्रियंका गांधी ने भी CEC के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद कहा, जबकि RJD, SP और अन्य विपक्षी दलों ने भी CEC के इस्तीफ़े की मांग की है।
प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कई स्तर पर प्रयास किए हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा अभी भी कम नहीं हुआ है। कई शहरों में पुलिस ने जलपरी, गैस और कैनन जैसी कार्रवाई की, फिर भी कांग्रेस के कई कार्यकर्ता स्थल पर डटे हुए हैं और विरोध जारी रख रहे हैं।
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