Ram Mandir Trust CEO Jeetendra Mishra Interview: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के नाम का ऐलान हो चुका है। हाल ही में दान में हुई हेराफेरी के बाद भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर) को राम मंदिर के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। अपने चयन के बाद बुधवार को उन्होंने कहा कि वायु सेना में उनके चार दशकों के सेवा अनुभव का लाभ उन्हें इस नई जिम्मेदारी में पूरी तरह मिलेगा।
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर चयन होने के बाद अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलकर अपनी बात कही है। नई जिम्मेदारी और पुराने अनुभवों पर अपना पक्ष रखा है।
जितेंद्र मिश्रा: मैं अत्यंत आभार से भरा हुआ हूं और खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। 17 वर्ष की आयु से लेकर 60 वर्ष की आयु तक मुझे भारतीय वायु सेना के माध्यम से देश की सेवा करने का अवसर मिला। यूनिफॉर्म में बिताए गए उन 43 वर्षों के बाद रिटायरमेंट के कुछ ही महीनों के भीतर मुझे श्री राम मंदिर और राम भक्तों की सेवा करने का यह पावन अवसर मिला है। मुझे लगता है कि मुझसे अधिक भाग्यशाली कोई और नहीं हो सकता।
जितेंद्र मिश्रा: मैंने भी उन्हीं कारणों से आवेदन किया था, जिन कारणों से अन्य हजारों उम्मीदवारों ने किया था। देश की सेवा करना। भगवान श्री राम को मेरी सेवा की आवश्यकता नहीं है, बल्कि देश और यहां की जनता को मेरी सेवाओं की आवश्यकता है।
जितेंद्र मिश्रा: मैं अकेले कोई रणनीति नहीं बना सकता। रणनीति ट्रस्ट के मार्गदर्शन और मेरी पूरी टीम के सहयोग से ही तय होगी। यदि मैं अपनी टीम को साथ लेकर नहीं चलूंगा या ट्रस्ट का मार्गदर्शन नहीं लूंगा तो कोई भी रणनीति निष्प्रभावी हो जाएगी और हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
जितेंद्र मिश्रा: जी बिल्कुल। इसके अलावा प्रबंधन की बुनियादी प्रक्रियाएं हर जगह एक जैसी ही होती हैं। बस उन्हें वर्तमान कार्य की आवश्यकताओं के अनुसार ढालना होता है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा। बाकी सफलता कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करती है।
जितेंद्र मिश्रा: हमें अतीत की घटनाओं से सबक लेना चाहिए, लेकिन अतीत के बोझ को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। यह संस्था बहुत अच्छे से संचालित हो रही है। मैं इस टीम से जुड़कर व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने में अपना योगदान दूंगा।
जितेंद्र मिश्रा: सीईओ पद के लिए जो योग्यताएं और मापदंड निर्धारित किए गए थे वे अन्य आवेदकों के लिए भी समान ही थे। यह पूरा मामला अनुशासन, कड़ी मेहनत और ईमानदारी का है। चयन समिति ने इसी के आधार पर अपनी खोज पूरी की है।
जितेंद्र मिश्रा: मैं केवल इतना कहूंगा कि जब मेरे देश को मेरी आवश्यकता थी तब मैं सेवा के लिए तत्पर था और अपनी जिम्मेदारी में सफल रहा। इसके लिए मैं न केवल ईश्वर का बल्कि अपने देश के नागरिकों, वेस्टर्न एयर कमांड की मेरी टीम, भारतीय वायु सेना और मीडिया का भी आभार व्यक्त करता हूं। यह हमेशा एक टीम प्रयास होता है।
जितेंद्र मिश्रा: फिलहाल तो लगातार फोन आ रहे हैं और मैं फोन से हट ही नहीं पा रहा हूं। जैसे ही फोन कॉल्स खत्म होंगे मेरी मां मेरा इंतजार कर रही हैं। वे प्रतीक्षा में हैं, मुझे जाकर उनका आशीर्वाद लेना है।
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