मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि कुछ जिलों से कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि सभी डीएम को निर्देश दिए कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की पुष्टि होती है तो तत्काल निलंबन के साथ खुली विजिलेंस जांच कराकर विधिक और विभागीय कार्रवाई की जाए। इसी बीच, प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर पहले की तरह नाम व पता दर्ज होगा। इसके लिए बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जाएगा।
पाॅवर काॅर्पोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) ने बदलाव का भरोसा दिया है। इससे पहले, प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर उनका नाम हटाकर सिर्फ एक्स अंकित करके बिलिंग शुरू कर दी गई थी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इसके विरोध में विद्युत नियामक आयोग में विरोध प्रस्ताव भी दाखिल कर दिया।
शुक्रवार को अवधेश कुमार वर्मा और पाॅवर काॅर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा के बीच बातचीत हुई। निदेशक (वाणिज्य) ने परिषद को आश्वस्त किया कि पाॅवर काॅर्पोरेशन द्वारा आईटी विंग को तत्काल इस व्यवस्था को समाप्त करने के निर्देश दे दिए गए हैं। परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि बिजली बिल केवल भुगतान का दस्तावेज नहीं है, बल्कि देशभर में बड़ी संख्या में उपभोक्ता इसे पते के प्रमाण पत्र के रूप में प्रयोग करते हैं।
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