कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देश के कई शहरों में वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का नारा लगाया।
दिल्ली में CJP के आह्वान पर जुटे कार्यकर्ताओं ने जंतर‑मंतर के पास प्रदर्शन किया, जहाँ सुरक्षा एजेंसियों ने एनएच‑48 के सिरहौल बॉर्डर पर सार्वजनिक वाहनों और संदिग्ध गाड़ियों की बारीकी से तलाशी ली। इससे दिल्ली‑गुरुग्राम मार्ग पर लंबी कतारें बन गईं और यात्रियों को अतिरिक्त समय लेना पड़ा।
भोपाल: शाहपुरा पार्क में सैकड़ों CJP कार्यकर्ताओं ने "लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ" और "गो ज्ञानू गो" जैसे नारे लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग दोहराई।
अहमदाबाद: एलिसब्रिज में Gen‑Z समूह ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और SIR को लेकर प्रदर्शन किया। भारी पुलिस बल तैनात किया गया, और कई प्रदर्शनकारियों को, महिलाओं सहित, हिरासत में ले लिया गया।
झांसी: समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता लक्ष्मी गार्डन में इकट्ठा होकर पैदल जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुँचे। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की, साथ ही मतदान अधिकारों की रक्षा का नारा लगाया।
बरेली: दिल्ली‑जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द किया गया, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी, जबकि रेलवे अधिकारियों ने मीडिया को कोई टिप्पणी नहीं की।
रanchi: भाजपा महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। यह विरोध जेएनयू प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले को लेकर किया गया।
बेंगलुरु: AISA, SFI, AIDSO और AISF के संयुक्त आह्वान पर छात्रों ने केआर सर्कल के पास चुनाव आयोग कार्यालय को घेरने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कई को हिरासत में ले लिया और कर्नाटक सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
मुंबई: अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन हुआ, जहाँ कई वरिष्ठ नागरिकों सहित प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने थाने में ले जाया।
करनाल: दिल्ली‑जाने वाले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। वे सेक्टर‑32 में बैठ गए और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस नेता रघुवीर संधू ने कहा कि केंद्र सरकार ने मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित किया है।
लुधियाना: दिल्ली‑जाने वाली चार ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जबकि कई अन्य देर से चल रही थीं। छोटे बच्चों के साथ यात्रियों को चार‑पाँच घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा।
गुरुग्राम‑दिल्ली बॉर्डर: सुरक्षा एजेंसियों ने एनएच‑48 के सिरहौल बॉर्डर पर गहन जांच अभियान चलाया, जिससे व्यस्त समय में ट्रैफ़िक जाम हो गया। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई।
नुह: कांग्रेस नेताओं पर हाउस अरेस्ट लागू किया गया। नुह जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहीदा खान और युवा कांग्रेस अध्यक्ष मुबीन खान तेड़िया को उनके घरों पर नजरबंद किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार युवा आवाज़ से डर रही है।
इन सभी शहरों में प्रदर्शनकारियों की मुख्य माँगें समान रही: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR का निरस्त होना और कथित वोट चोरी के आरोपों की पूरी जांच। पुलिस ने कई जगहों पर प्रदर्शन को रोकने के लिए हिरासत, ट्रेनों का रद्द करना और सुरक्षा जाँचें लागू कीं, जिससे यात्रा में व्यवधान और सार्वजनिक असंतोष बढ़ा।
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