सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में मिड डे मील योजना में खाना बनाने वाले करीब 3.53 लाख रसोइयों को रविवार को डबल सौगात दी। रसोइयों का मानदेय 1000 रुपये प्रति महीने बढ़ा दिया है। उन्हें अब 2000 के स्थान पर 3000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी गई है। राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में सीएम योगी ने रसोइयों को ये डबल सौगात देने के साथ ही एक नसीहत भी दी। उन्होंने रसोइयों से कहा कि कोई भी विश्वासघात कर सकता है। यदि हमने लापरवाही की तो ये बच्चों के जीवन को खतरे में डाल में सकता है। सीएम योगी ने कहा कि यह ध्यान देना होगा कि कोई दुश्मन ऐसा काम न करने पाए जिससे आपके ऊपर किसी को संदेह करने का मौका मिले। रसोई में रसोइयों के अलावा किसी और को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
साफ-सफाई का महत्व समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि कहीं कोई फूड प्वाइजनिंग न होने पाए इसके लिए सतर्क रहना होगा। गंदगी नहीं होनी चाहिए। लापरवाही के चलते कहीं कोई कीड़ा या छिपकली आदि भोजन में न गिरने पाए। कोई भी व्यक्ति आपकी सुरक्षा और मासूम बच्चों के जीवन के साथ विश्वासघात कर सकता है। सतर्क रहना होगा। सीएम योगी ने कहा कि मिड डे मील के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के 1.42 लाख स्कूलों में अध्ययनरत करीब डेढ़ करोड़ बच्चों के लिए अलग-अलग दिन अलग-अलग प्रकार के आहार देने की बहुत अच्छी व्यवस्था बनाई गई है।
सीएम योगी ने रसोइयों से कहा कि यदि आप बच्चों को मैन्यू के हिसाब से आहार देते हैं तो आपका भी सम्मान बढे़गा। यही बच्चे हमारे भविष्य हैं। वे भी आपका सम्मान करेंगे। जीवन के साथ खिलवाड़ कतई नहीं होने देना है। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय उजाड़ और वीरान लगते थे। अब ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए 19 पैरामीटरों पर काम हुआ है। बच्चों के लिए पेयजल, शौचालय, डिजिटल लाइब्रेरी, अच्छे पुस्तकालयों आदि की व्यवस्था की गई है। 2017 के पहले बच्चे स्कूल जाते थे उन्हें कुछ भी पता नहीं होता था। आज बच्चों को अक्षर ज्ञान भी है, गणित-विज्ञान सहित विभिन्न विषयों की जानकारी भी है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की हमारी सरकार ने समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में भी सोचा है। आज श्रमिकों के बच्चे भी अध्ययन कर रहे हैं। सीएम योगी ने कोरोना काल के दौरान दूसरे राज्यों से आ रहे कामगार-श्रमिकों के लिए और महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के आसपास जिलों में बनाए गए होल्डिंग एरिया में रोके गए श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनाने में रसोइयों की भूमिका की सराहना की।
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों खासकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 के पहले गरीब के बच्चे नंगे पैर स्कूल जाने के लिए मजबूर थे। आज जूते-मोजे, यूनिफॉर्म, बैग, किताब हर चीज की व्यवस्था है। 2017 के पहले यूपी के लोगों के सामने पहचान का संकट था। आज यूपी के हर जिले के इंसान का सम्मान है। समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के सामने पहचान, बेटी के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया। सपा सरकार ने आंगनबाड़ी, आशा, गांव के चौकीदार, शहर, गांव, गरीब, महिला किसी की बात नहीं सुनी थी। सुनते भी कैसे? सुनने के लिए समय चाहिए, सामर्थ्य चाहिए, संसाधन चाहिए। डबल इंजन की सरकार ने ये सब किया है तब आपका मानदेय बढ़ रहा है। सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिल रही है। आप 5 लाख रुपए तक हर वर्ष अपने इलाज पर खर्च कर सकते हैं। साल भर में दो यूनिफार्म भी मिल रही है। इसकी राशि भी डबल कर दी गई है।
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