धर्मनगरी मथुरा में ‘पंचायत आजतक’ के मंच पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजनीतिक‑सामाजिक तस्वीर पर बेबाक राय दी। 2027 के विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में उन्होंने अपनी सरकार का रिपोर्ट‑कार्ड पेश किया और 9 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनते हुए पिछले शासन पर तीखा प्रहार किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, "अब उत्तर प्रदेश बीमारू और उपद्रव प्रदेश नहीं रहा, यह नया भारत का नया यूपी बन चुका है।" उन्होंने आत्मविश्वास से कहा कि 2027 में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाएगी और दोहरी‑इंजन वाली सरकार धूमधाम से चलेगी।
2017 से पहले के उत्तर प्रदेश को याद दिलाते हुए योगी ने कहा कि एक समय कानून‑व्यवस्था का नाम नहीं रहा, राज्य दंगों, माफियाराज और प्रशासनिक बदहाली का शिकार था। निवेशकों की नजरें दूर हो गई थीं और सरकारी नौकरियों में सिफारिश‑आधारित भ्रष्टाचार व्याप्त था।
उन्होंने सपा और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि "परिवारवाद की बेड़ियों" में जकड़े रहने वाले शासक केवल अपने हितों को साधते थे। "सैफई‑रामपुर सिंडिकेट" ने सरकारी योजनाओं को लूट‑खसोट का साधन बना दिया था, लेकिन 2017 में आए हमारी सरकार ने इन्हें समाप्त कर दिया। अब नौकरियों में कोई पर्ची नहीं, सिर्फ योग्यता‑आधारित चयन है।
विकास की नई तस्वीर पेश करते हुए योगी ने बताया कि 2017 के बाद राज्य में "जीरो टॉलरेंस" नीति अपनाई गई, जिससे दंगे खत्म हुए और सुरक्षा का माहौल बन गया। निवेशकों का भरोसा लौट आया, एक्सप्रेसवे का जाल बिछ गया, कनेक्टिविटी सुधरी और यूपी एक प्रमुख औद्योगिक हब बन रहा है।
उन्होंने कहा कि "डबल इंजन" सरकार ने यूपी को बॉटम‑3 से निकाल कर देश की टॉप‑थ्री अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है, जिससे राज्य भारत का मुख्य ग्रोथ इंजन बन गया है। निवेश की पहली शर्त अब सुरक्षा, पारदर्शी नीति और सिंगल‑विंडो व्यवस्था है।
रिपोर्ट‑कार्ड में बुनियादी ढाँचा, पारदर्शी भर्ती, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और किसान‑कल्याण योजनाओं को प्रमुख बिंदु बताया गया। राज्य की कृषि योग्य भूमि का केवल 11% है, फिर भी अब यह देश का 21% खाद्यान्न उत्पादन करता है; कृषि विकास दर 8% से बढ़कर 18‑21% तक पहुंच गई है।
कुशलता को बढ़ावा देने के लिए "एक जिला‑एक उत्पाद" (ODOP) योजना शुरू की गई, जिसमें फिरोजाबाद का ग्लास, मुरादाबाद का ब्रास, अलीगढ़ का हार्डवेयर, लखनऊ की चिकनकारी, मेरठ का स्पोर्ट्स सामान, वाराणसी की रेशमी साड़ी, गोरखपुर का टेराकोटा आदि शामिल हैं। मथुरा के पेड़े को भी इस पहल में शामिल किया गया, जिससे महिला स्वयंसहायता समूह आत्मनिर्भर बन रहे हैं और करोड़ों रुपये का टर्नओवर अर्जित कर रहे हैं।
युवा, छात्र और महिलाओं के लिए कई कदम उठाए गए। बिना सिफारिश‑आधारित भर्ती के लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी मिली, साथ ही स्वरोजगार, स्टार्ट‑अप और स्किलिंग‑जोन (जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल स्किलिंग एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन) के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़े। AI, 3D‑प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, स्पेस‑टेक्नोलॉजी आदि पर प्रशिक्षण हर जनपद में उपलब्ध कराया गया।
"अभ्युदय योजना" और डिजिटल शिक्षा के तहत छात्रों को मुफ्त टैबलेट, स्मार्टफ़ोन और प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग दी गई। "मिशन शक्ति" के तहत महिला सुरक्षा को सुदृढ़ किया गया, और कानून‑राज की अवधारणा को समझाने के लिए वास्तविक मामलों को उजागर किया गया।
आने वाले 2027 के चुनाव में योगी ने भरोसा जताया कि जनता विकास, सुरक्षा और सुशासन के नाम पर वोट देगी। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता अब माफियाराज और परिवारवाद को पूरी तरह खारिज कर चुकी है और दोहरी‑इंजन वाली सरकार को भारी बहुमत से बनाएगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, "यूपी का युवा, किसान, महिला और वंचित वर्ग इस दोहरी‑इंजन सरकार को फिर से अपना आशीर्वाद देंगे। इसमें कोई संदेह नहीं।
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