यूपी में एनआरएचएम स्वास्थ्य घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के परिवार और करीबियों की संपत्तियां जांच के दायरे में हैं। अब विजिलेंस की नजर उनके लिपिक भाई अजय श्रीवास्तव की बलरामपुर समेत देवीपाटन मंडल के जिलों में खरीदी गई जमीनों और आवासीय प्लॉट पर है। जांच एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोत और अजय की आय के बीच अंतर की पड़ताल कर रही है। बेनामी या घोटाले की रकम से खरीदी गई संपत्तियां सामने आने पर इन्हें जब्त किया जाएगा।
अजय श्रीवास्तव लंबे समय तक बलरामपुर सीएमओ कार्यालय और संयुक्त जिला चिकित्सालय में लिपिक के पद पर तैनात रहा। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच समेत मंडल के अन्य जिलों में उनके नाम से करोड़ों रुपये की कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। संबंधित रजिस्ट्री कार्यालयों से जमीनों के बैनामे, खरीद-बिक्री, भुगतान, क्षेत्रफल और मौजूदा स्वामित्व का ब्योरा मांगा गया है। सूत्रों के मुताबिक, अजय श्रीवास्तव के पास आय से अधिक 763.65 प्रतिशत संपत्ति पाई गई है। जांच एजेंसी जमीन खरीद में इस्तेमाल रकम के स्रोत का बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन से मिलान कर रही है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि संपत्तियां अजय की घोषित आय से खरीदी गईं या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बेनामी तौर पर अर्जित की गईं। सूत्र बताते हैं कि जो भी बेनामी सम्पत्ति होगी उसे नियमानुसार जब्त किया जाएगा।
स्वास्थ्य घोटाले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव, उनके भाई अजय और विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई जारी है। अजय की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ, बाराबंकी और गोंडा में छापेमारी की जा चुकी है। गोंडा स्थित उनका मकान सील किया गया था। लखनऊ के मटियारी स्थित होटल मिलेनियम रीजेंसी भी जांच के दायरे में है।
विजिलेंस अधिकारी फिलहाल रजिस्ट्री अभिलेखों और बैंकिंग लेनदेन के जरिए संपत्तियों और आय के बीच संबंध स्थापित करने में जुटे हैं। जानकारों के अनुसार, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई जांच पूरी होने और कानूनी प्रक्रिया के तहत पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही होगी। यदि जमीन खरीद में घोटाले की रकम के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो नियमानुसार संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी।
763.65% आय से अधिक संपत्ति मिलने का विजिलेंस का दावा
चार जिले-बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और गोंडा के रजिस्ट्री अभिलेखों की पड़ताल
लखनऊ, बाराबंकी और गोंडा में पहले छापेमारी
गोंडा स्थित मकान सील किया जा चुका है
बैंक खातों और जमीनों के भुगतान का किया जा रहा मिलान
रजिस्ट्री अभिलेख: बैनामा, खरीद-बिक्री, भुगतान और जमीन का क्षेत्रफल
वित्तीय रिकॉर्ड: बैंक खाते और रकम के स्रोत
स्वामित्व: जमीन किसके नाम और वास्तविक कब्जा किसका
आय-संपत्ति मिलान: घोषित आय बनाम खरीदी गई संपत्तियां
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