आरक्षण के खिलाफ सियासत धीरे-धीरे गरमा रही है। शनिवार को प्रदर्शनकारी छात्रों से उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मुलाकात और प्रेस कॉफ्रेन्स के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आरक्षण था, है और रहेगा की बात की तो बसपा सु्प्रीमो मायावती ने कहा कि सरकारें आरक्षण विरोधी तत्वों को संरक्षण न दें। अब लखनऊ में सवर्ण मोर्चा का प्रदर्शन हुआ है। दिल्ली जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और यूजीसी की नीतियों के विरोध में रविवार को दोपहर 12 बजे सवर्ण मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गोमतीनगर के 1090 चौराहे पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं के हाथों में ‘संवैधानिक अछूत’ लिखीं तख्तियां थीं जिसे हवा में लहराते हुए उन्होंने जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी रोल बैक के नारे लगाए।
सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए आरक्षण नीतियों में बदलाव और समान शिक्षा प्रणाली की मांग उठाई। आरक्षण के खिलाफ आक्रोश जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था और यूजीसी की मौजूदा नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने समता मूलक चौराहे पर रोक दिया। इस दौरान आरक्षण के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों की पुलिस से कहासुनी भी हुई।
प्रदर्शन में सवर्ण मोर्चा कार्यकर्ताओं ने समान शिक्षा की मांग की और सभी छात्रों के लिए समान शिक्षा समान अधिकार लागू करने पर जोर दिया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए छात्रों और युवाओं से संगठित होने की अपील की। कार्यकर्ताओं ने सवर्ण समाज के कई सांसदों-विधायकों के खिलाफ भी नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे हुए सवर्ण समाज के नेताओं से हम लगातार सवाल कर रहे हैं। यूजीसी का विरोध कर रहे हैं और यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। यह काला कानून स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इसके पहले शनिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उनके साथ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन कर रहे युवाओं में से कुछ छात्र भी थे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा था कि हमारी सरकार हर युवा के साथ है। प्रत्येक युवा के सपने को साकार करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष छात्रों की मांगों को रखेंगे। अगले दो दिन में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की भेंट केंद्रीय मंत्री से कराएंगे।
डिप्टी सीएम ने कहा था कि छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की हर मांग को बहुत ध्यान से सुना गया और उचित निस्तारण के लिए आश्वस्त किया गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक, शिवा शर्मा और उनके साथियों के साथ प्रेस वार्ता कर डिप्टी सीएम ने कहा था कि उनकी मांगों को दो दिनों में केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा। संबंधित केंद्रीय मंत्री से छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की भेंट भी कराई जाएगी।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!