उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बर्तन व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के मामले में सियासी माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को लखनऊ से पहुंचे मंत्री संजय निषाद अपनी सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठे मंत्री संजय निषाद को मनाने डीएम प्रियंका रंजन पहुंचीं। संजय निषाद से वार्ता के लिए जमीन बैठीं डीएम ने कड़ी कार्रवाई समेत कई आश्वासन दिए। इसके बाद संजय निषाद ने धरना खत्म किया। संजय निषाद ने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
आपको बता दें कि विनोद सहनी का शव गुरुवार की देर रात करीब एक बजे एंबुलेंस से घर पहुंचा। शाम से ही परिवारीजन शव आने का इंतजार कर रहे थे। रेक्सड़िया गांव में शव पहुंचने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले के अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। इससे गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। पुलिसकर्मियों के समझाने के बावजूद परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। शुक्रवार दोपहर तक शव घर पर रखा रहा।
वहीं व्यापारी की हत्या के मामले में कथित लापरवाही और कर्तव्य में कोताही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिषेक ने बताया कि परसपुर के थानाध्यक्ष उप निरीक्षक कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित सिंह और आरक्षी अभिमन्यु भारती को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। कोंडरे थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल राय को परसपुर थाने का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में तीसरे आरोपी आकाश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
अधिकारियों बताया कि परसपुर क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव निवासी साहनी (45) की शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान थी और बुधवार शाम सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर विवाद के बाद कुछ लोगों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया था। लखनऊ के एक अस्पताल में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम दुकान बंद करके मोटरसाइकिल से घर लौट रहे साहनी को चार मोटरसाइकिलों पर सवार 10 लोगों ने रास्ते में रोक लिया और कथित तौर पर हमला किया।
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) राधेश्याम राय ने बृहस्पतिवार को बताया था कि हमलावरों ने साहनी पर कई हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए। साहनी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि साहनी ने हमलावरों में से तीन की पहचान की थी। उनकी शिकायत के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह समेत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। साहनी की मौत के बाद प्राथमिकी में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई।
Comments ()
Be the first to share your perspective on this story!