यूपी के रायबरेली थाना क्षेत्र के एक गांव के किसान की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि किसान ने पीएनबी से छह जाख रुपये लोन लिया था, जिसका ब्याज हर महीने जमा किया जा रहा था। इसके बावजूद बैंक कर्मचारी उन्हें परेशान कर रहे थे। बैंककर्मियों ने किसान से ब्लैंक चेक पर साइन करवाया था। गुरुवार को इसी के चलते किसान की अचानक तबीयत खराब हुई और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। बैंक के शाखा प्रबंधक का दावा है कि किसान लोन की किस्त नहीं जमा कर रहा था। इसलिए रिकवरी एजेंट किसान से मिले थे, लेकिन चेक साइन कराने का आरोप निराधार है।
जगतपुर-डलमऊ मार्ग पर शव रखकर जाम की सूचना पर एसडीएम के साथ सीओ और कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। मृतक के बेटे ने बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ दो सूदखोरों के खिलाफ नामजद तहरीर थाने में दी है। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक बीच सड़क हंगामा चलता रहा। बाद मे पुलिस ने परिजनों को किसी तरह शांत कराकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जगतपुर थानाक्षेत्र के छिछौरा मजरे अलावलपुर गांव के रहने वाले 46 वर्षीय किसान सुरेश कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद ने वर्ष 2024 में कस्बा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से करीब छह लाख रुपए का बालाजी फर्म के नाम पर लोन लिया था। परिजनों का कहना है कि बैंक से लिए गए लोन के ब्याज की रकम किसान हर महीने समय से जमा करता था। इसके साथ ही किसान ने क्षेत्र के दो सूदखोरों से भी ब्याज पर रुपए लिए थे। सूदखोर भी बराबर रुपए वापस करने का दबाव बना रहे थे। करीब बीस दिन पहले पीएनबी बैंक के कर्मचारी किसान के घर पहुंचे और उनसे लिए गए लोन की रकम जमा कराने का दबाव बनाने लगे। इस पर किसान ने लोन की रकम जमा करने में असमर्थता जताई तो बैंक कर्मचारियों ने नाराजगी भी व्यक्त की थी। इसके बाद बीते सोमवार को फिर बैंक कर्मचारी घर पहुंच गए।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने किसान से ब्लैंक चेक साइन करवाया और उसके अकाउंट से साढ़े पांच लाख रुपये निकाल लिए। दूसरी ओर सूदखोर भी रुपए वापस करने का दबाव बनाने लगे। इसको लेकर एक सूदखोर से गुरूवार को किसान का विवाद भी हुआ। इसके बाद किसान की अचानक हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई। इसे लेकर नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और डलमऊ-जगतपुर मार्ग पर मधवापुर गांव के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया।
सड़क जाम की सूचना पर पहुंचे डलमऊ एसडीएम सत्येन्द्र सिंह व सीओ गिरजाशंकर त्रिपाठी के साथ डलमऊ, गदागंज, ऊंचाहार, महिला थाना व भदोखर थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन किसी बात को सुनने के लिए राजी नहीं हुए। करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद मृतक के बेटे अमित कुमार ने पीएनबी के शाखा प्रबंधक समेत दो सूदखोरों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। इसके बाद परिजन शांत हुए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जगतपुर के छिछौरा गांव के रहने वाले किसान सुरेश कुमार अपने छोटे भाई हरिश्चन्द्र के साथ ही रहता था। किसान ने घर की स्थिति सुधारने के लिए बैंक के साथ क्षेत्र के दो सूदखोरों से ब्याज पर रुपए ले लिए। इसके बाद किसान समय से बैंक व सूदखोरों का रुपए वापस नहीं कर पाए। कर्ज में डूबने किसान ने बैंक व सूदखोरों का लोन अदा करने के लिए करीब दो माह पूर्व दस बिस्वा जमीन व दो दुकानों को बेच दिया था, लेकिन उसके बावजूद उसका कर्ज का बोझ कम नहीं हुआ। इससे किसान परेशान रहता था। वहीं किसान को सूदखोर धमकाते थे।
बैंक शाखा प्रबंधक, जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि किसान ने 2024 में बाला जी फर्म के नाम पर छह लाख रुपये लोन लिया था। 20 दिन पहले बैंक कर्मचारी किसान से लोन को लेकर बातचीत करने गए थे, लेकिन ब्लैंक चेक साइन कराने आदि आरोप निराधार हैं।
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