उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ साल की बेटी से अश्लीलता के मामले में आरोपी किशोर के वकील पिता को नकली पिस्टल दिखाकर धमकाने वाले पिता को हाई कोर्ट ने राहत दे दी है। हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए पुलिस से जवाब मांगा है। मासूम बेटी से छेड़छाड़ के बाद पिता आपा खो बैठा था। पुलिस ने भी पिस्टल को खिलौना मानकर जांच के लिए एफएसएल भेजा था। हालांकि उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इस मामले में हद तो तब हो गई थी, जब पीड़िता का पिता ही पुलिस से बचते फिर रहा था।
कानपुर के बर्रा की रहने वाली पीड़िता की मां ने बताया कि घर के ठीक सामने रहने वाले किशोर ने आठ साल की बेटी से फरवरी 2023 को पहली बार अश्लील हरकत की थी। उस दिन वह बेटी को लेकर पार्क में गई थीं। बच्ची झूला झूल रही थी तो किशोर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गंदे इशारे किए। बेटी ने बताया तो उन्होंने ध्यान न देने की बात कही। इसके बाद उसकी हिम्मत बढ़ती चली गई। इससे परेशान होकर साक्ष्य जुटाने के लिए मार्च 2026 को घर पर कैमरे लगवाए। बावजूद इसके किशोर की हरकतें कम नहीं हुईं। पुलिस से शिकायत की तो पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रीय लोगों को बीच में लाकर किशोर के वकील पिता ने कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। उसी दौरान बेटी के छेड़छाड़ से परेशान पिता आपा खो बैठा और खिलौना पिस्टल दिखाकर धमकाया। वीड़ियो वायरल हुआ तो बर्रा पुलिस हरकत में आ गई और केस दर्ज कर लिया।
उसी दिन पीड़िता का केस भी दर्ज किया। पीड़िता की मां ने बताया कि पुलिस ने पिस्टल जब्त कर ली थी। उसे खिलौना बताते हुए एफआर लगाने की बात कही लेकिन फिर कहा एफएसएल में जांच के लिए भेजा है। अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने किशोर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की बल्कि पीड़िता के पिता को ही गिरफ्तार करने के लिए दबिश दे रही थी। पीड़िता की मां को बार-बार थाने बुलाया जा रहा था। न तो चार्जशीट लगाई और न एफआर। इसलिए पिस्टल नकली होते हुए भी उन्हें करीब दो महीने तक घर से बाहर रहना पड़ा।
पीड़ित बालिका की मां ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद परिवार ने किशोर को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर उसे घर ले आए हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता के अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि पॉक्सो में केस दर्ज होने के बाद बालिका को सुरक्षा दिए जाने का नियम है। उसे सुरक्षा तो दी नहीं गई बल्कि आरोपी ठीक घर के सामने रह रहा है। नियम है कि पॉक्सो कोर्ट में भी सुनवाई के दौरान यदि पीड़िता कोर्ट में है तो आरोपी सामने नहीं आएगा। इसके लिए पॉक्सो कोर्ट में विशेष तरह के बंद कठघरे बने हुए हैं। यहां आरोपी और उसका परिवार पीड़िता के घर के ठीक सामने रह रहा है।
बर्रा थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर के खिलाफ दर्ज मामले में चार्जशीट लगा दी गई है। चार्जशीट में अश्लील हरकतें करते हुए वीडियो, पीड़ित बालिका के बयानों को आधार बनाया गया है। जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी।
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