उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में कांग्रेस मंगलवार को उत्तराखंड सचिवालय तक मार्च करेगी. प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होगा. कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करना गलत है और पार्टी इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाएगी.
राहुल गांधी के खिलाफ यह FIR हल्द्वानी में हुए ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर कांग्रेस नेता के खिलाफ मामला दर्ज हुआ. शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने AICC प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर हुए धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया. FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले जानबूझकर किए गए कृत्यों से संबंधित हैं. इसमें SC/ST एक्ट भी लगाया गया है.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा कि संविधान और देश का कानून छुआछूत और जाति आधारित भेदभाव को गैरकानूनी मानता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद बीजेपी समर्थकों ने ‘शुद्धिकरण’ किया और एक दलित व्यक्ति को इस तरह अपमानित करना गलत और आपराधिक कृत्य है. पायलट ने कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ऐसी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे.
कांग्रेस ने साधा निशाना
पूर्व उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरीश रावत ने FIR को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने वही बात कही, जो संविधान और देश का कानून कहता है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता बीजेपी से जुड़ा सक्रिय कार्यकर्ता है और पूरा मामला पहले से तय और बीजेपी प्रायोजित है. रावत ने कहा कि राहुल गांधी की आवाज आगे भी उठती रहेगी और वह सच्चाई सामने लाते रहेंगे.
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी सोच ही उत्तराखंड में मंच धुलवाती है और नेता प्रतिपक्ष पर FIR करवाती है. उन्होंने इस कार्रवाई को निंदनीय बताया और कहा कि बीजेपी ने अपनी हार के पराजय-पत्र पर खुद ही दस्तखत कर दिए हैं. हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस ने FIR के विरोध में प्रदर्शन किया. शिमला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के पास प्रदर्शन कर बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए और FIR वापस लेने की मांग की.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया गया, लेकिन जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करना निंदनीय है. उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया.
उत्तराखंड CM ने रा हुल गांधी पर साधा निशाना
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया. खटीमा में स्थानीय लोगों के साथ डिस्पोजेबल कप में चाय पीते हुए उन्होंने कहा कि चाय का स्वाद और अपनापन दिखा, लेकिन जाति कहीं नहीं दिखी. धामी ने राहुल गांधी पर चाय के कप में भी जाति और भेदभाव खोजने का आरोप लगाया और इसे संकीर्ण राजनीति की पराकाष्ठा बताया.
वहीं, मुंबई में शिवसेना सांसद ज्योति वाघमारे ने कहा कि देश संविधान के नियमों के अनुसार चलता है और जाति आधारित भेदभाव अपराध है. उन्होंने राहुल गांधी पर मनुस्मृति का मुद्दा बार-बार उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत का मार्गदर्शक सिद्धांत समानता है.
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