इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को बालिग आयुष मलिक को अपनी इच्छा के अनुसार रहने और जीवन के बारे में निर्णय लेने की स्वतंत्रता दी। कोर्ट के आदेश के बाद आयुष शामली के अपने घर वापस नहीं आया।
आयुष के पिता, दवा कारोबारी देवराज मलिक ने इस पर दो नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर सुल्तान कारी और मुफ्ती अब्दुल्ला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवराज मलिक का कहना है कि कुछ लोग उनकी और उनके बेटे की संपत्ति पर नजर रख रहे हैं। उनका दावा है कि आयुष को पहले बहलाकर धर्मांतरण कराया गया था, लेकिन बाद में परिवार के साथ बातचीत के बाद वह फिर से हिंदू धर्म अपनाया।
सुल्तान कारी, जो सरसावा थाना के जगेहता नसीब गांव के निवासी हैं, ने आयुष को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए मदद की थी, यह दावा उन्होंने किया था कि आयुष को उसके पिता ने बंधक बना रखा है। हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान आयुष और उसके पिता दोनों को पेश होना पड़ा।
हाईकोर्ट ने आयुष को बालिग मानते हुए उसकी इच्छा के अनुसार रहने की आज़ादी दी, पर उसके पिता का आरोप है कि आदेश के बाद सुल्तान कारी ने आयुष को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया, जिससे परिवार को उसकी स्थिति का पता नहीं चल रहा।
देवराज मलिक ने शिकायत में कहा कि आयुष के घर न लौटने से उनकी दवा की दुकान का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने 18 सितंबर को सुल्तान कारी के साथ हुई मुलाकात का उल्लेख किया, जहाँ कारी ने उन्हें धमकी दी और कहा कि आयुष का दोबारा धर्म परिवर्तन हो गया है।
शिकायत में यह भी बताया गया कि सुल्तान कारी और मुफ्ती अब्दुल्ला ने परिवार पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाया, साथ ही कुछ संपत्ति को अपने नाम करने की कोशिश की। देवराज मलिक ने कहा कि उनकी बात नहीं मानने पर उन्हें, उनकी पत्नी और बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई, और पूरी संपत्ति पर कब्जा करने की बात कही गई।
पुलिस के जांच अधिकारी धर्मेंद्र गौतम ने बताया कि देवराज मलिक की तहरीर के आधार पर सुल्तान कारी और मुफ्ती अब्दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और अब आरोपों की सत्यता की जांच चल रही है। आयुष की वर्तमान whereabouts के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
यह मामला पहली बार नहीं है। 6 जून को देवराज मलिक ने पहले भी कोतवाली में FIR दायर की थी, जिसमें चांदनी कुरैशी और उनके पिता सहित कई लोगों पर आयुष के धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया था। उस केस में आरोपियों को गिरफ्तार कर जमानत मिल चुकी थी।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद आयुष का घर न लौटना और पिता द्वारा दो नई FIRs दायर करना इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला रहा है। पुलिस ने कहा कि सभी आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
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