बिहार के पटना में प्रस्तावित पाटलिपुत्र टाउनशिप योजना को लेकर आयोजित बैठक में शनिवार को भारी हंगामा हो गया। पुनपुन, फतुहा आदि इलाकों से आए किसानों ने इस टाउनशिप का विरोध करते हुए सरकार से योजना वापस लेने की मांग कर दी। बैठक के बीच में ही किसानों ने नारेबाजी कर दी और आखिरी में वे मंच पर चढ़कर नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के सामने नारेबाजी कर ने लगे। इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। किसानों ने 25 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास तक मार्च निकालने का ऐलान भी कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नगर विकास विभाग की ओर से शनिवार को पटना के ऊर्जा भवन में पाटलिपुत्र टाउनशिप के हितधारकों की बैठक आयोजित की गई। इसमें किसानों, वास्तुविदों और उद्यमियों ने भाग लिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि उनसे कोई बात नहीं की जा रही है। उन्हें अपनी आजीविका का संकट सता रहा है। बैठक खत्म होने के बाद किसानों ने मंच पर जाकर मंत्री और अधिकारियों के सामने विरोध जताना शुरू कर दिया, जिससे गहमागहमी होने लगी।
किसानों के हंगामे पर नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अभी कुछ नहीं हुआ है। बिहार के विकास के लिए टाउनशिप का निर्णय लिया गया है। सभी लोगों की आपत्ति का ख्याल रखा जाएगा। मंत्री ने कहा कि योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। किसी के साथ कुछ गलत नहीं हो, इन्हीं सुझाव के लिए बैठक बुलाई गई है। हम किसानों के बीच गांव-गांव जाएंगे। सभी की बात सुनी जाएगी।
बिहार सरकार किसी भी टाउनशिप में किसानों की मर्जी के खिलाफ उनकी जमीन नहीं लेगी। साथ ही इसके दायरे में आने वाले गांव की संरचना से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी बल्कि गांवों को सुविधाएं दी जाएंगी। किसानों के विरोध पर मंत्री नीतीश मिश्रा ने सरकार का पक्ष रखते हुए यह आश्वासन दिया।
किसानों ने योजना का विरोध किया। मंच पर चढ़कर हंगामा और नारेबाजी की। योजना वापस लेने की मांग की। किसानों के विरोध पर नगर विकास मंत्री ने आश्वासन दिया कि गांव-गांव जाकर एक-एक किसान से बात करेंगे। किसी भी किसान के साथ गलत होने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में शहरीकरण बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
नीतीश मिश्रा ने आगे कहा कि हम सभी चाहते हैं बिहार में ही हमारे बच्चों को नौकरी-रोजगार और अन्य सुविधाएं मिले। इसलिए टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है। अभी प्रारूप पर चर्चा हो रही है। योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्री ने अपील करते हुए कहा कि एक प्रयास शुरू किया गया है, उसमें सभी का साथ चाहिए।
ऊर्जा ऑडिटोरियम में बैठक की शुरुआत में पाटलिपुत्र टाउनशिप के हितधारकों से आपत्ति और सुझाव के लिए बैठक बुलाई गई थी। शुरू में विभागीय प्रधान सचिव विनय कुमार ने टाउनशिप की खासियत बताई। उसके बाद वे जमीन लेने की प्रक्रिया बताने लगे। तभी किसान बिफर गए।
लोग अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। तब मंत्री नीतीश मिश्रा ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें शांत किया। हालांकि बैठक खत्म होने के बाद सभी मंच पर पहुंच गए। किसानों का कहना था कि योजना बनाने से पहले किसानों से बात करनी चाहिए थी। किसानों से जमीन लेने का निर्णय लिया गया है और किसानों को पता तक नहीं है। किसानों ने कहा कि बिना बात किए सरकार ने योजना तैयार कर ली और हमारी जमीन के अधिग्रहण का फैसला ले लिया।
किसानों का कहना था कि लैंड पूलिंग में 55 फीसदी जमीन वापस करने की बात कही गई, इसका दायरा 70 फीसदी तक होना चाहिए। पहले भी किसी ना किसी योजना के नाम पर जमीन ली जा चुकी है। इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जमीन चले जाने पर किसानों की आजीविका का क्या होगा? इसके लिए 25 अगस्त को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास तक मार्च किया जाएगा। पुनपुन के किसान जयपति सिन्हा, फतुहा के जितेंद्र प्रसाद आर्या, महेश प्रसाद सिन्हा, अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार आदि ने कहा कि सरकार योजना वापस ले नहीं तो विरोध जारी रहेगा।
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