इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखने वाली पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत’ का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरेगी और जनता की भागीदारी, जरूरत‑के‑हिसाब‑से‑फ़ैसले और सरकारी कामकाज में जवाबदेही को अपने तीन प्रमुख वचन बनाकर रखेगी।
दिव्या मित्तल पहली पूर्व IAS अधिकारी नहीं हैं जो अपनी पार्टी बना रही हैं। पहले भी कई नौकरशाहों ने प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में अपना मंच बनाया है। नीचे उन प्रमुख पूर्व IAS नेताओं की कहानी है, जिन्होंने अपनी पार्टी स्थापित की या बड़े पद संभाले।
डॉ. जयप्रकाश नारायण – लोक सत्ता पार्टी
डॉ. जयप्रकाश नारायण, आंध्र प्रदेश कैडर के पूर्व IAS अधिकारी, ने 1996 में सेवा से इस्तीफा दिया। सुधार‑उन्मुख राजनीति के लक्ष्य से उन्होंने 2 अक्टूबर 2006 को ‘लोक सत्ता पार्टी’ की स्थापना की। 2009 में कुकटपल्ली विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और 2014 तक इस पद पर रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने मल्काजगिरी सीट से लड़ाई लड़ी, पर जीत नहीं पाए। उनका नाम प्रशासनिक सुधार और पारदर्शी शासन के समर्थक के रूप में जाना जाता है।
अजीत जोगी – जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
1970 बैच के IAS अधिकारी अजीत जोगी ने सेवा छोड़कर कांग्रेस में प्रवेश किया और छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद नवंबर 2000 में पहले मुख्यमंत्री बने। 2016 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर ‘जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)’ नाम की पार्टी बनाई। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सीमित प्रभाव दिखाया, लेकिन इस दौरान भाजपा की लगातार तीन कार्यकाल वाली सरकार सत्ता से बाहर हुई और कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
शाह फैसल – जम्मू‑कश्मीर पीपल्स मूवमेंट (JKPM)
2010 बैच के IAS अधिकारी शाह फैसल ने जनवरी 2019 में इस्तीफा देने की घोषणा की, पर सरकार ने उसे स्वीकार नहीं किया। मार्च 2019 में उन्होंने ‘जम्मू‑कश्मीर पीपल्स मूवमेंट’ (JKPM) की स्थापना की। अगस्त 2019 में जम्मू‑कश्मीर के विशेष दर्जे के हटाने के बाद उन्हें जन सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया, पर अप्रैल 2022 में इस्तीफे को वापस लेने का अनुरोध स्वीकार कर सेवा में पुनः बहाल कर दिया गया। वर्तमान में वह केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में उप‑सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
आरसीपी सिंह – आप सब की आवाज (ASA)
1984 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी आरसीपी सिंह ने सेवा छोड़कर जनता दल (यू) में प्रवेश किया, जहाँ उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी सहयोगी रहे। बाद में उन्होंने भाजपा में शामिल होकर 31 अक्टूबर 2024 को बिहार में ‘आप सब की आवाज’ (ASA) नाम की पार्टी की घोषणा की।
दिव्या मित्तल – जननीति भारत
2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा देकर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने मिर्जापुर, देवरिया और संत कबीर नगर सहित कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया और IIT दिल्ली तथा IIM बेंगलुरु से पढ़ाई की है। अब उन्होंने ‘जननीति भारत’ नाम की पार्टी बनाई, जो 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरेगी। उनका मानना है कि देश में पार्टियों की कमी नहीं, बल्कि आम लोगों की सुनवाई की कमी है।
दिव्या मित्तल ने पार्टी के तीन प्रमुख मोटिव बताए हैं: (1) जनता की जरूरतों के आधार पर नीतियां बनाना, (2) जाति‑धर्म‑पहचान के बजाय जरूरत‑के‑हिसाब‑से‑फ़ैसले लेना, और (3) सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाकर हर कार्य का जवाबदेह बनाना। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे ‘जननीति भारत’ से जुड़ें और इस संदेश को घर‑घर तक पहुंचाएं। अब देखना होगा कि प्रशासनिक अनुभव के साथ राजनीति में कदम रखने वाली दिव्या मित्तल अपनी नई पहल को 2027 के चुनाव में कितना समर्थन दिला पाती हैं।
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