दिल्ली में बुधवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की महा‑बैठक आयोजित होगी। कांग्रेस इस मंच को चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का अवसर देख रही है। बैठक में विभिन्न दलों की भागीदारी और दूरी दोनों ही स्पष्ट हो रही हैं।
कांग्रेस का मुख्य लक्ष्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाना, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को तुरंत रोकना और लगभग 13.3 करोड़ मतदाता नामों को बहाल करवाना है। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी राजनीतिक दलों का एकजुट होना जरूरी है।
ट्रिनमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों दिल्ली पहुंचेंगे। ममता बनर्जी ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि वह बैठक में हिस्सा लेंगी, जिससे पश्चिम बंगाल के क्षेत्रीय दल की आवाज़ भी मंच पर होगी।
समाजवादी पार्टी ने घोषणा की कि अखिलेश यादव बैठक में नहीं आएंगे। इसके बजाय सांसद हरेंद्र मलिक और मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी प्रतिनिधित्व करेंगे। पार्टी ने कहा कि यह निर्णय उनके उत्तर प्रदेश में चल रही विधानसभा चुनाव की तैयारियों के कारण है।
शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दोपहर 3 बजे के बाद बैठक में जुड़ेंगे। संजय राउत ने बताया कि मुंबई में आंदोलन की तैयारियों के कारण पार्टी के कई नेता दिल्ली नहीं जा पाएंगे।
शरद पवार ने स्पष्ट कर दिया कि वह और उनकी महाविकास आघाड़ी INDIA ब्लॉक के साथ बनी रहेगी। पवार ने कहा, "हम कहीं नहीं जाएंगे, जो आना चाहते हैं वे आएंगे।"
जम्मू‑कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (नेशनल कॉन्फ्रेंस) और PDP के महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल होंगे, जिससे जम्मू‑कश्मीर के क्षेत्रीय मुद्दे भी मंच पर आएंगे।
CPI(M) के महासचिव एम.ए. बेबी ने बताया कि उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से केरल के कुछ कार्यक्रमों के लिए मुलाकात की, और चुनाव आयोग की कार्यवाही पर भी चर्चा हुई। वे कांग्रेस के नेतृत्व को मानते हुए कहा कि विपक्षी दलों को इस मुद्दे पर एकजुट होना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी। AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी ने पहले ही तय कर लिया है कि वह INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है, पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्षी दलों के साथ खड़ी होगी।
ड्रैविंग फोर्स DMK ने भी बैठक से दूरी बनाई है और बताया कि उसका कोई प्रतिनिधि नहीं जाएगा। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने इसे विरोधी गठबंधन के रूप में महत्व दिया, पर DMK के बाहर रहने के कारण स्पष्ट नहीं किए।
बैठक में चुनाव आयोग की कार्यवाही, SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर सामूहिक रणनीति बनाना प्राथमिक एजेंडा रहेगा। कांग्रेस सभी दलों से एकजुट मांगें पेश करने की कोशिश करेगी, जबकि AAP, DMK और अखिलेश यादव की गैर‑हाजिरी इस एकजुटता को चुनौती दे सकती है। आगे देखना होगा कि क्या इस मंच से एक राष्ट्रीय स्तर का विरोधी आंदोलन निकल पाता है।
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